दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर अक्सर खतरनाक हादसे और मौतों की खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन इस बार हिमालय की बर्फीली वादियों से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। जिस व्यक्ति को मृत मान लिया गया था और जिसके लिए परिवार ने अंतिम प्रार्थना तक कर दी थी, वह छह दिनों बाद खुद रेंगते हुए जीवित वापस लौट आया। यह कहानी नेपाली पर्वतारोही और क्लाइंबिंग गाइड दावा शेरपा की है, जिन्हें ‘हिलेरी दावा शेरपा’ के नाम से भी जाना जाता है।
लापता दावा शेरपा छह दिन बाद जीवित मिले
जानकारी के अनुसार, दावा शेरपा एवरेस्ट फतह करने के बाद वापसी के दौरान अपनी टीम से अलग हो गए थे। उन्हें आखिरी बार लगभग 7,500 मीटर की ऊंचाई पर कैंप 3 के पास देखा गया था। इसके बाद वे लापता हो गए। इतनी ऊंचाई पर ऑक्सीजन की भारी कमी और -40 डिग्री तक की ठंड में उनका जिंदा बचना लगभग असंभव माना जा रहा था। परिवार और साथी पर्वतारोहियों ने उन्हें मृत मान लिया था। लेकिन गुरुवार को एवरेस्ट बेस कैंप के पास एक सफाई दल ने बर्फ पर धीरे-धीरे रेंगते हुए एक व्यक्ति को देखा। पास जाकर पता चला कि वह दावा शेरपा थे। उनके हाथों में गंभीर फ्रॉस्टबाइट था, लेकिन वे होश में थे और किसी तरह नीचे की ओर बढ़ रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने खाली टेंटों और सीमित संसाधनों का सहारा लेकर खुद को जीवित रखा।
इस चमत्कारिक वापसी पर खोज अभियान से जुड़ी कंपनी 8K एक्सपीडिशंस के अधिकारियों ने इसे “सेल्फ रेस्क्यू” बताया और कहा कि ऐसा उदाहरण पहले कभी नहीं देखा गया। दावा शेरपा को तुरंत हेलीकॉप्टर से काठमांडू लाया गया, जहां उनका इलाज HAMS हॉस्पिटल के ICU में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है। उनके परिवार ने उन्हें जीवित देखकर राहत की सांस ली। उनकी बेटी ने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंची तो पिता ने उसे पहचान लिया और धीरे-धीरे बात भी करने लगे। परिवार ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं बताया।











