नई दिल्ली। संविधान विशेषज्ञ और लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ सुभाष कश्यप का गुरुवार को निधन हो गया। उन्होंने 97 साल की आयु में अंतिम सांस ली। डॉ. सुभाष कश्यप पाञ्चजन्य के प्रतिष्ठित लेखक भी रहे हैं।
बिजनौर में हुआ जन्म
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में वर्ष 1929 में उनका जन्म हुआ था। उनकी 100 से अधिक पुस्तकें और 500 से अधिक शोध लेख हैं। डॉ. सुभाष कश्यप उस संविधान के पारखी थे, जो इस देश का प्रहरी है। वे 31 दिसंबर, 1953 को लोकसभा में महासचिव बने थे। इसके बाद 37 सालों तक संसद से जुड़े रहे। वर्ष 2015 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।
देश की आजादी में योगदान
किशोरावस्था में उन्होंने मेरठ और बिजनौर में देश की आजादी के लिए स्थानीय स्तर पर युवाओं का नेतृत्व किया था। उन्होंने पत्रकार के रूप में इलाहाबाद से करियर शुरू किया और बाद में इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षक बने। संवैधानिक मामलों, संसदीय प्रक्रियाओं, राजनीतिक सुधारों और पंचायती राज के विषयों पर महारत हासिल थी।











