उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में दायरा बुग्याल से आगे ट्रेकिंग पर गई रामनगर (नैनीताल) की रहने वाली एमबीए की छात्रा बबीता पांडेय का आज पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। घटना वाले दिन मौसम भी काफी खराब था, जिससे तलाश में मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
‘गोई’ नामक स्थान से हुई लापता, खाई की तरफ मिला कैमरा
जानकारी के अनुसार, बबीता पांडेय अपने दोस्तों के साथ ट्रेकिंग पर गई थी। दोस्तों से मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रेकिंग के दौरान वे सभी ‘गोई’ (Goi) नामक स्थान पर रुके थे। लेकिन जब सुबह हुई, तो बबीता अपने प्रवास स्थल पर नहीं मिली।
घटनाक्रम के मुख्य बिंदु:
- लापता होने की जानकारी मिलते ही दोस्तों ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
- बाद में वन विभाग और प्रशासन को इसकी तत्काल सूचना दी गई।
- लापता होने के ठीक अगले दिन बबीता का कैमरा एक खाई की तरफ बरामद हुआ है, जिससे चिंताएं और बढ़ गई हैं।
ड्रोन और खोजी कुत्तों से SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी
प्रशासन को सूचना मिलने के बाद स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ ने यहां लगातार चौथे दिन अपना सघन सर्च ऑपरेशन चलाया।
आज टीम ने खोजी कुत्तों (Sniffer Dogs) और ड्रोन कैमरों (Drone Cameras) के जरिए पूरे इलाके की खाक छानी, किंतु बबीता का कहीं भी पता नहीं चल सका है। खराब मौसम और दुर्गम रास्तों के बावजूद रेस्क्यू टीम लगातार अभियान चला रही है।
SDRF प्रभारी का बयान-
एसडीआरएफ के प्रभारी अर्पण यदुवंशी ने बताया कि बबीता पांडेय को खोजने के लिए उनकी टीम के प्रयास लगातार जारी हैं। उन्होंने कहा, “स्थानीय लोग भी हमारी काफी मदद कर रहे हैं। हमने आधुनिक तकनीक और उपकरणों का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है, ताकि जल्द से जल्द कोई सुराग मिल सके।”
















