मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2-3 दिनों में केरल में दस्तक दे सकता है। आमतौर पर यह 1 जून के आसपास पहुंच जाता है, लेकिन इस बार अल-नीनो के असर से थोड़ी देरी हुई है। विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 17 राज्यों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है।
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 1 से 5 जून तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। खासकर 3 और 4 जून को 50-70 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में 3-4 जून को तेज आंधी (50-70 किमी/घंटा) का अलर्ट है, जबकि 2 और 5 जून को बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में 6 जून को गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश रहेगी।
राजस्थान में 2 जून को तूफानी हवाएं चलेंगी और 3-5 जून के दौरान अलग-अलग जगहों पर बारिश होगी। जम्मू-कश्मीर में 3-5 जून को तेज आंधी, कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और 6 जून को भी बारिश के आसार हैं। मध्य और पश्चिमी भारत
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 2-3 जून को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 जून तक हल्की बारिश जारी रहेगी।
छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में 2-5 जून के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की उम्मीद है। गुजरात में 4 जून तक गरज-चमक वाली बारिश हो सकती है।
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दक्षिण भारत
केरल और माहे में 3 से 7 जून तक कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में पूरे हफ्ते भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति रहेगी। आंध्र प्रदेश में 2 जून को भारी बारिश संभव है। तेलंगाना में 5 जून तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत
बिहार में 5-6 जून को और झारखंड में पूरे हफ्ते गरज-चमक, तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4-6 जून को भारी बारिश की संभावना है।ओडिशा में 2 जून को 70 किमी/घंटा की तेज हवाएं चलेंगी, जबकि 3-5 जून को भारी बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 1 से 7 जून तक भारी बारिश जारी रहेगी। असम-मेघालय में 4-7 जून को भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6-7 जून को भारी बारिश संभव है।
मानसून में देरी क्यों?
IMD ने पहले 26 मई को केरल में मानसून के आने की भविष्यवाणी की थी, लेकिन अल-नीनो की वजह से इसमें देरी हुई। अल-नीनो भारत में मानसून के दौरान कम बारिश का कारण बनता है। विभाग का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में परिस्थितियां अनुकूल हैं, इसलिए 2-3 दिनों में मानसून आगे बढ़ सकता है।

















