पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में नया मोड़ सामने आया है। शुरुआत में इस हमले के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया जा रहा था, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच में गिरफ्तार कुछ लोगों के टीएमसी से जुड़े होने की बात सामने आ रही है।
अभिषेक बनर्जी पर हमले में 5 आरोपी गिरफ्तार
यह घटना दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर इलाके की है। अभिषेक बनर्जी एक चुनावी हिंसा में मारे गए पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके काफिले को घेर लिया और उन पर अंडे व पत्थर फेंके। इस दौरान धक्का-मुक्की भी हुई, जिसमें उनकी शर्ट तक फट गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और वीडियो फुटेज के आधार पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों की पहचान तपन मैती, निर्मल्य सेनगुप्ता उर्फ जॉय, काजल दास, देबासिस दत्ता और आकाश गयान के रूप में हुई है।
जांच के दौरान पता चला कि इनमें से कुछ आरोपियों के संबंध टीएमसी की पूर्व विधायक लवली मैत्रा से बताए जा रहे हैं। लवली मैत्रा 2021 में सोनारपुर दक्षिण सीट से विधायक चुनी गई थीं। हाल के चुनाव में भी वह टीएमसी की उम्मीदवार थीं, लेकिन भाजपा की रूपा गांगुली से चुनाव हार गईं। सूत्रों के अनुसार, निर्मल्य सेनगुप्ता और तपन मैती को लवली मैत्रा का करीबी माना जाता है। वहीं काजल दास और देबासिस दत्ता के भी उनसे जुड़े होने की चर्चा है। हालांकि, इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में आकाश गयान का नाम भी चर्चा में है। उसके परिवार का कहना है कि वह टीएमसी का सक्रिय कार्यकर्ता था और नियमित रूप से पार्टी की बैठकों में हिस्सा लेता था। परिवार के अनुसार, घटना वाले दिन वह सामान्य रूप से घर आया था, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
















