रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को रोकने और लंबी जिंदगी पाने के लिए एक बड़े वैज्ञानिक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। इसकी कुल लागत करीब 2.15 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसमें 3D बायोप्रिंटिंग से नए अंग बनाने और जीन थेरेपी से बुढ़ापा धीमा करने की कोशिश की जा रही है। पुतिन का मकसद 120 साल तक जीवित रहना है।
शी जिनपिंग को कही गई बात
दैनिक जागरण में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल बीजिंग में एक सैन्य परेड के दौरान पुतिन ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के कान में कहा था कि इंसान खराब अंगों को बदलकर अमरता हासिल कर सकता है। उस वक्त इसे सामान्य बात मान लिया गया, लेकिन अब सामने आए गोपनीय दस्तावेजों से पता चला है कि पुतिन इस पर गंभीरता से काम कर रहे हैं।
न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज
इस प्रोजेक्ट को ‘न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज’ नाम दिया गया है। इसका मकसद पुतिन और उनके करीबी मंत्रियों-वैज्ञानिकों की उम्र को रोकना है। प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी पुतिन की बेटी मारिया वोरोत्सोवा और वैज्ञानिक मिखाइल कोवलचुक को सौंपी गई है। पुतिन का लक्ष्य 2030 तक ऐसे अंग तैयार कराना है जो शरीर में लगाए जा सकें। ये अंग 3D बायोप्रिंटिंग या जैविक तरीके से बनाए जाएंगे।
क्रायोथेरेपी और खास दवाएं
पुतिन खुद को फिट रखने के लिए क्रायोथेरेपी का इस्तेमाल करते हैं। 2018 में ऑस्ट्रिया के चांसलर से मुलाकात में उन्होंने कहा था कि -112 डिग्री सेल्सियस वाले चेंबर में बिना कपड़ों के खड़े रहने से शरीर चुस्त रहता है। रूस के दिवंगत गेरेंटोलॉजिस्ट व्लादिमीर खाविंसन पुतिन को बछड़ों के टिश्यू से बनी पेप्टाइड दवाएं देते थे। उनका दावा था कि इनसे 120 साल तक जिंदगी जी जा सकती है।
रूस में औसत उम्र
रूस में पुरुषों की औसत आयु सिर्फ 68 साल है, जबकि अमेरिका में 76 और यूरोप में 80 साल है। लेकिन, अब अपनी उम्र को लंबी रखने के लिए पुतिन तकनीक का सहारा ले रहे हैं।
3D बायोप्रिंटिंग की प्रगति
रूसी वैज्ञानिकों ने 3D बायोप्रिंटिंग से चूहों की थायरॉइड ग्रंथि और इंसानी कार्टिलेज सफलतापूर्वक तैयार किए हैं। अब वे मिनी-पिग्स (छोटे सूअर) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें इंसानी लिवर, किडनी और दिल विकसित करने की कोशिश की जा रही है। मिनी-पिग्स का जेनेटिक स्ट्रक्चर इंसानों से काफी मिलता-जुलता होता है, इसलिए इन्हें ट्रांसप्लांट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
जीन थेरेपी पर काम
रूस के उप-विज्ञान मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने बताया कि उनकी टीम ऐसी जीन थेरेपी पर काम कर रही है जो कोशिकाओं के बूढ़े होने की रफ्तार को बहुत धीमा कर देगी। यह पूरा प्रोजेक्ट पुतिन और उनके करीबियों को लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रखने का प्रयास है।

















