पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के सक्रिय होने से उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, बिहार और ओडिशा में तापमान पहले की तुलना में काफी कम हुआ है। इन राज्यों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
राजस्थान में धूलभरी आंधी
हालांकि, महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। शनिवार को चंद्रपुर देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ब्रह्मपुरी और गोंदिया में भी तापमान 44 डिग्री के पार रहा। ऐसे में इन इलाकों के लोगों को अभी भी तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। राजस्थान में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली। श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और सीकर में तेज रेतीला तूफान आया।
तेज धूलभरी आंधी के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। रेत घरों और दुकानों तक पहुंच गई, जिससे लोगों को परेशानी हुई। मौसम विभाग ने जयपुर और जैसलमेर में भी रेतीले तूफान का अलर्ट जारी किया है।
इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 4 जून तक केरल पहुंच सकता है। हालांकि विभाग का अनुमान है कि इस साल मानसून सामान्य से थोड़ा कमजोर रह सकता है। जून से सितंबर के बीच सामान्य से कम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार बिहार और उत्तर प्रदेश में सामान्य बारिश हो सकती है, लेकिन देश के कई अन्य हिस्सों में बारिश कम रहने की आशंका है। इसका असर खेती और जल संसाधनों पर पड़ सकता है। 1 जून को बिहार में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चल सकती है। इसके साथ बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी बारिश का अनुमान है। वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।















