खाड़ी संकट के बीच इजरायल और लेबनान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच आज इजरायल ने लेबनान की सीमा से लगते इलाकों में स्कूलों को बंद कर दिया है। IDF की होम फ्रंट कमांड ने सुरक्षा दिशानिर्देश सख्त कर दिए हैं क्योंकि हिजबुल्लाह की तरफ से रॉकेट और ड्रोन हमलों में इजाफा हुआ है।
स्कूल और गतिविधियों पर पाबंदियां
बॉर्डर के साथ लगे शहरों और कस्बों जैसे किर्यत शमोना में कोई पढ़ाई नहीं हो रही है। मेरॉन, बार योहाई, ओर हागानुज, सफसुफा, येसुद हमाला, किसरा-सुमेई, बेइत जान और स्दे एलीएजर जैसे इलाकों में भी शिक्षा बंद है। अपर गलीली और उत्तरी गोलान के इलाकों में, कत्सरिन और किदमत त्जवी सहित, पढ़ाई सिर्फ इमारत के अंदर या ऐसे जगह पर ही हो सकती है जहां शेल्टर जल्दी पहुंचा जा सके। कामकाजी जगहें खुली रहेंगी, लेकिन वहां भी शेल्टर तक पहुंच आसान होनी चाहिए।
बाहर 50 लोगों से ज्यादा की सभा नहीं हो सकती और अंदर 200 से ज्यादा नहीं। समुद्र तट बंद कर दिए गए हैं। ये नियम सोमवार रात 9 बजे तक लागू रहेंगे, उसके बाद फिर समीक्षा होगी। वहीं इजरायली स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नाहारिया का गलीली मेडिकल सेंटर अपना काम भूमिगत सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर रहा है।
हिजबुल्लाह के हमले
इससे पहले शनिवार को हिजबुल्लाह ने दोपहर और शाम में कई रॉकेट और ड्रोन इज़राइल की तरफ दागे। इजरायली सेना के मुताबिक, लेबनान से 25 से ज्यादा रॉकेट लॉन्च किए गए थे। कर्मील और व्हाइट सिटी में सीजफायर के बाद पहली बार सायरन बजे। किर्यत शमोना और दूसरे उत्तरी इलाकों में भी सायरन सुने गए। कई रॉकेटों को एयर डिफेंस ने बीच में ही मार गिराया, कुछ खुले इलाकों में गिरे। हिजबुल्लाह ने कई ड्रोन भी भेजे। एक ड्रोन बॉर्डर के पास शोमेरा के पास सैन्य इलाके में लगा, दो को रोक लिया गया। एक और ड्रोन सीमा पार नहीं कर सका। इन हमलों में कोई घायल नहीं हुआ।
इजरायली कार्रवाई
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को बताया कि IDF की 36वीं डिवीजन के सैनिक लिटानी नदी पार कर चुके हैं। यह इजरायली सुरक्षा लाइन से आगे है। IDF ने पिछले महीने एक डिफेंस लाइन घोषित की थी, जो ज्यादातर लिटानी नदी के दक्षिण में है। लिटानी नदी इजरायली बॉर्डर से करीब 30 किलोमीटर अंदर है। इजरायल लंबे समय से हिजबुल्लाह को उत्तर की तरफ धकेलना चाहता है।
लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने बताया कि इजरायली एयर स्ट्राइक्स और तोपखाने की गोलीबारी बोफोर्ट किले के पास हुई। यह किला बॉर्डर से करीब 15 किलोमीटर अंदर है। साल 2000 में इजरायल ने लेबनान से वापसी के समय तक इसे 18 साल तक कब्जे में रखा था।
अनसार गांव समेत दक्षिण लेबनान के कई इलाकों में स्ट्राइक्स हुईं, जिनमें तीन लोगों की मौत हुई। एब्बा और नबातिह के बीच सड़क पर ड्रोन हमले में दो लेबनानी सैनिक घायल हुए।

















