पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के साथ ही कायदे भी बदल रहे हैं। इस बार सरकार के आदेशों के बाद कोलकाता में रेड रोड पर खुले पर नमाज नहीं हुए। इसको लेकर शहर के पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने अपनी पूरी टीम को इस काम के लिए सराहा है। उन्होंने कहा कि सबकी मेहनत और समन्वय से कानून-व्यवस्था बनी रही, सांप्रदायिक सद्भाव बना रहा और लोगों की सुरक्षा अच्छे से हो सकी।
रेड रोड पर नमाज नहीं, ट्रैफिक सुचारू रहा
कई दशकों से कोलकाता के रेड रोड पर ईद की बड़ी नमाज होती थी, जिससे पूरे शहर में ट्रैफिक बहुत खराब हो जाता था। इस बार ईद-उल-अज़्हा (बकरीद) पर रेड रोड या शहर के दूसरे इलाकों में कोई धार्मिक जमावड़ा नहीं हुआ। नतीजा यह कि पूरे शहर में ट्रैफिक सामान्य और सुचारू रहा।
इस बदलाव की वजह यह थी कि इस बार नमाज की जगह ब्रिगेड परेड ग्राउंड को चुना गया। यह जगह पहले भी राज्य के बड़े कार्यक्रमों, रैलियों और पब्लिक गैदरिंग्स के लिए इस्तेमाल होती रही है। कलकत्ता ख़िलाफ़त कमिटी और कोलकाता पुलिस के बीच कई बैठकें हुईं, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। नई चुनी गई बीजेपी सरकार ने भी पुलिस को निर्देश दिया था कि सार्वजनिक सड़कों पर बड़ी भीड़ को हतोत्साहित किया जाए, ताकि ट्रैफिक आसान रहे और भीड़ प्रबंधन बेहतर हो।
कमिश्नर का स्पष्ट संदेश
विधानसभा चुनाव और बकरीद दोनों सफलतापूर्वक निपटने के बाद कमिश्नर अजय नंद ने पुलिस कर्मियों को एक आधिकारिक संदेश भेजा। इसमें उन्होंने सभी रैंकों की सराहना की। उन्होंने लिखा कि पेशेवर तरीके से काम करने, अनुशासन और लगन के कारण ही ये दोनों बड़े काम आसानी से हो सके।
अपने संदेश में उन्होंने कहा, “त्योहार का शांतिपूर्ण आयोजन और नमाज, कुर्बानी तथा इससे जुड़ी गतिविधियों में कानून का प्रभावी अमल आपकी लगन, अनुशासन और ड्यूटी के प्रति समर्पण के बिना संभव नहीं होता। आपकी टीम वर्क से सार्वजनिक सुरक्षा बनी, सांप्रदायिक सद्भाव बना रहा और पूरे शहर में कानून का सख्ती से पालन हुआ।”
आगे भी सतर्क रहने की अपील
कमिश्नर ने पुलिसकर्मियों से कहा कि आगे के दिनों में भी इसी लगन से काम करते रहें। उन्होंने खासतौर पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर “जीरो टॉलरेंस” नीति को दोहराया और अपराध रोकथाम पर जोर दिया, ताकि कोलकाता सुरक्षित और नागरिकों के अनुकूल बना रहे।
कमिश्नर अजय नंद के बारे में
अजय नंद सीनियर आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें इस साल शुरुआत में कोलकाता पुलिस कमिश्नर बनाया गया था। उस समय चुनाव की तैयारी चल रही थी और कानून-व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा था। शहर में राजनीतिक रूप से संवेदनशील माहौल था और कई बड़े कार्यक्रम-त्योहार आने वाले थे।
चुनाव और बकरीद की सुरक्षा व्यवस्था
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कोलकाता समेत पूरे राज्य में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। अतिरिक्त जवान तैनात किए गए, निगरानी बढ़ाई गई और त्वरित प्रतिक्रिया टीमें तैयार रखी गईं ताकि कोई हिंसा न हो और मतदान सुचारू चले। बकरीद पर भी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे क्योंकि बड़ी संख्या में लोग जमा होते हैं।

















