अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने व्हाइट हाउस में कैबिनेट की मीटिंग में कहा कि ईरान मिडटर्म चुनावों तक इंतजार करके बेहतर शर्तें हासिल करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन, मैं उसे ऐसा करने नहीं दूंगा।
द गीर्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, कैबिनेट को ट्रंप ने बताया, “वे सोच रहे थे कि वे मुझे आउटवेट कर लेंगे। बोले, ‘हम इंतजार करेंगे, उसके पास मिडटर्म्स हैं।’” उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान का यह तरीका काम नहीं करेगा। उनका दावा था कि ईरान “बहुत ज्यादा डील करना चाहता है।” ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था की स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि वहां 250% मुद्रास्फीति है, उनका पैसा बेकार हो गया है और पूरा आर्थिक सिस्टम टूट गया है। इसलिए ईरान को समझौते के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
हॉर्मुज स्ट्रेट पर बातचीत
ट्रंप ने कहा कि मौजूदा बातचीत में अभी तक डील इसलिए नहीं हुई क्योंकि “हम संतुष्ट नहीं हैं।” लेकिन उन्होंने जोड़ा, “हम संतुष्ट हो जाएंगे। या फिर हमें काम पूरा करना पड़ेगा।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे कोई छोटा-मोटा समझौता मानेंगे जिसमें ईरान और ओमान हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर कंट्रोल रखें, तो ट्रंप ने साफ कहा- “जलडमरूमध्य सबके लिए खुला रहेगा। कोई उसे कंट्रोल नहीं करेगा। हम उस पर नजर रखेंगे।” उन्होंने आगे कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जल है। अगर ओमान सामान्य व्यवहार नहीं करेगा तो “हमें उसे उड़ा देना पड़ेगा।” ट्रंप ने बताया कि अगर डील हो गई तो यह स्ट्रेट तुरंत खुल जाएगा, जो युद्ध से पहले दुनिया की 20% ऊर्जा सप्लाई का रास्ता था।
अब्राहम एक्सॉर्ड्स पर अड़े ट्रंप
मीटिंग में ट्रंप ने सऊदी अरब और कतर जैसे अरब देशों से फिर कहा कि उन्हें अब्राहम एक्सॉर्ड्स पर हस्ताक्षर करना चाहिए, जिससे इजरायल को पूरी राजनयिक मान्यता मिले। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है वे देश हम पर एहसान करते हैं। अगर वे इस पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे तो मुझे लगता है हमें डील नहीं करनी चाहिए।”
वो अलग बात है कि जब पूछा गया कि क्या ईरान डील इन देशों के एक्सॉर्ड्स जॉइन करने पर निर्भर है, तो ट्रंप पीछे हट गए। उन्होंने कहा, “मैं यह नहीं कहना चाहता। मैं आपको नहीं बताऊंगा कि क्या शर्त है।”
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ईरान में सत्ता परिवर्तन का दावा
इस बीच ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान में सत्ता परिवर्तन कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश के कई नेताओं, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी शामिल थे, की हत्या कर दी गई। अब उनके बेटे मोजतबा खामेनेई सत्ता में हैं, जिन्हें और ज्यादा सख्त माना जाता है। ट्रंप बोले, “हमने सत्ता परिवर्तन के लिए योजना नहीं बनाई थी, लेकिन, हम शुरुआत से बिल्कुल अलग लोगों के साथ डील कर रहे हैं। मुझे लगता है वे ज्यादा स्मार्ट हैं। एक सत्ता गई, दूसरा गया, अब तीसरे के साथ बात हो रही है।”
मीटिंग कैम्प डेविड से व्हाइट हाउस में शिफ्ट
यह 12वीं कैबिनेट मीटिंग थी। शुरू में इसे कैम्प डेविड में रखने का प्लान था, जो मेरिलैंड के शांत इलाके में है। वहां पहले मिडिल ईस्ट के कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। लेकिन मौसम खराब होने की वजह से ट्रंप ने इसे व्हाइट हाउस में कर दिया। ट्रंप पहले के राष्ट्रपतियों की तुलना में कैम्प डेविड कम जाते रहे हैं।
















