रामपुर | सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की सजा तीन – तीन साल बढ़ा दी गई है। फर्जी पैन कार्ड मामले में दोनों लोगों को सात- सात साल की सजा हुई थी। शनिवार को रामपुर की एमपी – एमएलए कोर्ट ने इस सजा को बढ़ा कर दस – दस साल कर दिया है। न्यायालय ने सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया है। दोनों पर 5-5 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
फर्जी पैन कार्ड मामले में एमपी/एमएलए कोर्ट ने 17 नवंबर, 2025 को आजम खान और अब्दुल्ला को सात सात साल की सजा सुनाई थी और 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। इस सजा के बाद सरकार ने सजा बढ़ाने के लिए अपील दायर की थी।
अभियोजन की ओर से कहा गया कि यह सरकारी पहचान पत्र के दुरुपयोग और फर्जीवाड़े से जुड़ा गंभीर अपराध है।
मामले की पृष्ठभूमि और एफआईआर
उल्लेखनीय है कि भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 30 जुलाई, 2019 को कोतवाली सिविल लाइंस में एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर में कहा गया था कि अब्दुल्ला आजम ने नियमों का उल्लंघन करते हुए दो पैन कार्ड बनवाए। जांच के दौरान मामले में आजम खान की भूमिका सामने आई थी। उसके बाद उन्हें भी अभियुक्त बनाया गया। इस मामले में विवेचना करने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
अब्दुल्ला आजम के पैन कार्ड की विसंगतियां:
- अब्दुल्ला आजम ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग जन्मतिथि वाले पैन कार्ड बनवाए थे।
- पहला पैन कार्ड: इसमें जन्मतिथि 1 जनवरी, 1993 दर्ज की गई थी।
- दूसरा पैन कार्ड: इसमें जन्मतिथि 30 सितंबर, 1990 दर्ज की गई थी।














