नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोपित खालिद सैफी और तसलीम अहमद को छह महीने की अंतरिम जमानत दी है। इसके साथ ही आरोपित उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाओं पर विचार करने के लिए मामला बड़ी बेंच को रेफर कर दिया है।
जस्टिस अरविंद कुमार बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम को लेकर हाल ही में जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच के फैसले में की गई टिप्पणी के बाद बड़ी बेंच को रेफर करने का आदेश दिया। कोर्ट ने आज ही सुबह खालिद सैफी और तसलीम अहमद की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।
खालिद सैफी की जमानत याचिका दिल्ली उच्च न्यायालय ने 8 अप्रैल, 2025 को खारिज कर दी थी। खालिद यूनाइटेड अगेंस्ट हेट का संस्थापक है। स्पेशल सेल ने उमर खालिद इशरत जहां, खालिद सैफी, सफूरा जरगर, गुलफिशा फातिमा, नताशा नरवाल, देवांगन कलीता और ताहिर हुसैन केखिलाफ यूएपीए के तहत एफआईआर दर्ज की है। फरवरी, 2020 में दिल्ली दंगों में कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी और काफी लोग घायल हुए थे।
















