नई दिल्ली: साल 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान मारा गया है। उसे पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के मुजफ्फराबाद में अज्ञात हमलावरों ने मारा गिराया है। वह सालों से जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में लगा हुआ था। आतंकी हमजा बुरहान लंबे समय से भारत की सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था। वह आतंकी संगठन अल-बद्र से जुड़ा हुआ था। इसी आतंकी संगठन ने पुलवामा हमले की जिम्मेदारी ली थी।
भारत सरकार ने उसे 2022 में UAPA के तहत आतंकवादी घोषित किया था। हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के लिए युवाओं की भर्ती और फंडिंग में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा था। वह पुलवामा के खरबतपोरा रत्नीपोरा का रहने वाला था। उसका असली नाम अरजुमंद गुलजार डार था। 1999 में जन्मा हमजा बुरहान गुलजार अहमद डार का बेटा था।
शिक्षा के बहाने पाकिस्तान गया और आतंकी बन गया
बताया जाता है कि हमजा बुरहान 2017 में उच्च शिक्षा के बहाने पाकिस्तान गया था। वहां वह आतंकी बन गया और जम्मू-कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने, आतंकियों की भर्ती करने और उनके लिए हथियार भेजने के सक्रिय नेटवर्क से जुड़ गया। एक तरह से वह जम्मू-कश्मीर मे आतंक का प्रमुख चेहरा बन गया था। दक्षिण कश्मीर में उसने अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया और कई युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती किया।
हमजा बुरहान कश्मीरी युवाओं को ‘शहादत’ के नाम पर आतंकी संगठनों से जोड़ता था और फिर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने का काम करता था। वह खुद पाकिस्तान में रह रहा था लेकिन जम्मू-कश्मीर में आतंक का नेटवर्क चला रहा था।
आतंकी हमजा बुरहान ने खड़ा किया था लोन वुल्फ वॉरियर्स नेटवर्क
पुलवामा आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान ने ‘लोन वुल्फ वॉरियर्स’ नाम से नया नेटवर्क खड़ा किया था। जिसके जरिए उसने कश्मीर के युवाओं को कश्मीरी पंडितों पर हमले के लिए उकसाया। भारत की सुरक्षा एजेंसियों की नजर उस पर लंबे समय से आतंकियों के मास्टर रिक्रूटर के तौर पर थी। 2021 में उसने आतंकी संगठन अल-बद्र से दूरी बनाई और खुद का आतंकी नेटवर्क खड़ा किया। वह पाकिस्तान में छिपकर भारत में आतंक फैलाने में लगा हुआ था।
बता दें कि भारत सरकार ने साल 2002 में आतंकी सगंठन अल-बद्र को प्रतिबंधित कर दिया था। इस संगठन का गठन 1998 में हुआ था। इस आतंकी संगठन ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और जमात-ए-इस्लामी से करीबी संबंध रहे हैं। हमजा बुरहान पाकिस्तान जाकर इसी आतंकी संगठन से जुड़ा और भारत में आतंक फैलाने के काम में जुट गया था।












