वेनेएजुएला के बाद अमेरिका की नजर लंबे समय से क्यूबा पर है। इसी क्रम में अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर मुकदमा दर्ज किया है। यह कदम ट्रंप प्रशासन की क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार को हटाने की कोशिशों का हिस्सा लगता है। 94 साल के राउल कास्त्रो और पांच अन्य लोगों पर मियामी की अदालत में आरोप लगाए गए हैं।
क्या हैं आरोप?
राउल कास्त्रो पर मुख्य आरोप 1996 की घटना से जुड़े हैं। उस समय वे क्यूबा के डिफेंस मिनिस्टर थे। आरोप है कि उन्होंने अमेरिका के मियामी से चलने वाले ‘ब्रदर्स टू द रेस्क्यू’ नाम के ग्रुप के दो छोटे प्लेन को मार गिराने का आदेश दिया था। ये प्लेन फ्लोरिडा स्ट्रेट्स में समुद्र में फंसे क्यूबाई शरणार्थियों की तलाश करते थे। 24 फरवरी 1996 को क्यूबा के MiG फाइटर जेट्स ने दो सेस्ना प्लेन पर मिसाइल दाग दी।
इसमें चार लोग मारे गए – अरमांडो एलेजांद्रे जूनियर, कार्लोस कोस्टा, मारियो डे ला पेना और पाब्लो मोरालेस। ये सभी अमेरिकी नागरिक थे। तीसरा प्लेन, जिसे ग्रुप के संस्थापक जोस बासुल्टो उड़ा रहे थे, बच गया और फ्लोरिडा लौट आया। कास्त्रो पर अमेरिका ने अमेरिकी नागरिकों को मारने की साजिश, चार हत्याएं औऱ दो विमानों को मार गिराने का आरोप लगाया है।
30 साल पुरानी है घटना
यह घटना 30 साल पुरानी है। ब्रदर्स टू द रेस्क्यू का ग्रुप क्यूबा से भाग रहे लोगों की मदद करता था। वे राफ्ट पर आने वाले लोगों को ढूंढते और अमेरिकी कोस्ट गार्ड को उनकी लोकेशन बताते थे। राउल कास्त्रो 2018 में राष्ट्रपति पद से हटे और 2021 में कम्युनिस्ट पार्टी के सेक्रेटरी पद से भी। लेकिन वे अभी भी क्यूबा की राजनीति में प्रभावशाली बने हुए हैं। उनके भाई फिदेल कास्त्रो 2016 में 90 साल की उम्र में गुजर चुके हैं।
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अमेरिका की प्रतिक्रिया
मियामी में फ्रीडम टावर के सामने इस इंडिक्टमेंट की घोषणा की गई। यह जगह उन लाखों क्यूबाई शरणार्थियों की याद दिलाती है जो 1959 की क्रांति के बाद यहां आए थे। एक्टिंग अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांच ने कहा कि पहली बार क्यूबा शासन के उच्च स्तर के लोगों पर अमेरिकी नागरिकों की मौत के लिए मुकदमा चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश और उनके नेता अमेरिकियों को निशाना बना कर मार नहीं सकते और बिना जवाबदेही के रह नहीं सकते।
मियामी में क्यूबाई-अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों ने भी इसका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ये लोग सिर्फ जान बचाने की कोशिश कर रहे थे, कोई गैरकानूनी काम नहीं।
क्यूबा की तरफ से जवाब
क्यूबा के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर कार्लोस कोसियो ने कहा कि अमेरिका बिना वजह आक्रामक व्यवहार कर रहा है। इस समय क्यूबा में ऊर्जा संकट चल रहा है। अमेरिकी तेल प्रतिबंध की वजह से बिजली कटौती हो रही है और लोग परेशान हैं। ट्रंप प्रशासन क्यूबा पर दबाव बढ़ा रहा है।













