ईपीएस-95 पेंशन को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। व्हाट्सएप और फेसबुक पर दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने ईपीएस-95 पेंशनधारकों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7500 रुपये प्रति माह कर दी है। इस खबर को देखकर कई बुजुर्ग और उनके परिवार खुश हो गए, लेकिन बाद में पता चला कि यह खबर पूरी तरह फर्जी है।
वायरल लेटर निकला फर्जी
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक नकली सरकारी लेटर फैलाया गया। इस लेटर में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का नाम, नई दिल्ली का पता और सरकारी मोहर जैसी चीजें लगाई गई थीं, ताकि लोग इसे असली समझ लें। लेटर में लिखा था कि सरकार ने मंजूरी दे दी है और अब सभी ईपीएस-95 पेंशनधारकों को हर महीने कम से कम 7500 रुपये पेंशन मिलेगी। इसमें यह भी कहा गया कि नई व्यवस्था 30 अप्रैल 2026 से लागू होगी और 1 मई से लोगों के खातों में बढ़ी हुई पेंशन आने लगेगी। जब यह खबर तेजी से फैलने लगी, तो लोगों ने EPFO से इसकी जानकारी पूछनी शुरू कर दी। इसके बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने सामने आकर साफ कहा कि यह लेटर पूरी तरह फर्जी है। EPFO ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस वायरल लेटर की फोटो शेयर की और उस पर बड़े अक्षरों में “FAKE” लिखकर लोगों को सच बताया।
EPFO ने कहा कि सरकार की तरफ से अभी तक पेंशन बढ़ाने को लेकर कोई नया आदेश जारी नहीं हुआ है। इसलिए लोगों को ऐसे वायरल मैसेज पर भरोसा नहीं करना चाहिए। असल में, ईपीएस-95 पेंशनधारक लंबे समय से पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसी वजह से इस तरह की खबरें जल्दी वायरल हो जाती हैं। कई लोग बिना जांच किए ऐसे मैसेज दूसरों को भेज देते हैं, जिससे भ्रम फैलता है। अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आए, तो सबसे पहले उसकी सच्चाई जांचें। सही जानकारी हमेशा EPFO की आधिकारिक वेबसाइट EPFO Official Website या उनके वेरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट पर मिलती है।











