देश में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मंगलवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में करीब 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी। यह एक हफ्ते के अंदर दूसरी बार हुआ है। इससे पहले शुक्रवार 15 मई को 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।
दिल्ली में नई कीमतें
पिछली बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर था। लेकिन, अब नई बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमतें 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं डीजल की कीमत 91 पैसे बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
अन्य महानगरों में भी दाम बढ़े हैं
पेट्रोल की कीमतें
मुंबई: 91 पैसे बढ़कर 107.59 रुपये
कोलकाता: 96 पैसे बढ़कर 109.70 रुपये
चेन्नई: 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपये
डीजल की कीमतें
मुंबई: 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये
कोलकाता: 94 पैसे बढ़कर 96.07 रुपये
चेन्नई: 86 पैसे बढ़कर 96.11 रुपये
इसे भी पढ़ें: युद्ध विराम के लिए ईरान का नया प्रस्ताव: गल्फ देशों की अपील के बाद ट्रंप ने हमला टाला
क्यों हुई यह बढ़ोतरी?
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष की वजह से वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में दबाव बढ़ा। तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पिछले करीब 10 हफ्तों से पुरानी दरों पर ही ईंधन बेच रही थीं, जबकि उनकी खरीद की लागत लगातार बढ़ रही थी। पहले हुई 3 रुपये की बढ़ोतरी से भी उनका पूरा नुकसान नहीं भरा। इसलिए अब फिर दाम बढ़ाने पड़े। कंपनियों को अपने घाटे को कुछ हद तक कवर करने की जरूरत थी।
आम लोगों पर क्या असर?
पेट्रोल और डीजल रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं। इनके महंगे होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ जाता है। बस, टैक्सी, ऑटो और माल ढुलाई सब प्रभावित होते हैं। छोटे व्यापारी, ट्रांसपोर्ट वाले, रोज बस-ऑटो से सफर करने वाले और अपनी गाड़ी चलाने वाले लोगों को सीधा असर महसूस होगा। ईंधन महंगा होने से दूसरे सामान जैसे सब्जी, फल, दूध, किराना आदि की कीमतों पर भी दबाव पड़ सकता है। जानकार कहते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल और महंगा होता रहा, तो आगे भी ईंधन के दाम बढ़ सकते हैं।
















