खाड़ी संकट के बीच सवाल उठने लगा है कि क्या कुछ ब़ड़ा होने वाला है? क्या ये किसी युद्ध की आहट है? ये सारे सवाल इसलिए क्योंकि ईरान-अमेरिका के बीच स्थिति गंभीर होने के कारण भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय ने खास 24×7 वॉर कंट्रोल रूम चालू कर दिया है।
कंट्रोल रूम और निकासी अभियान
विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि अब तक ईरान से 2,549 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। ये निकासी ज्यादातर जमीनी रास्तों से हुई। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव असीम आर. महाजन ने कहा कि मंत्रालय पूरे हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाकर परिवारों को सही और समय पर जानकारी दी जा रही है।
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हवाई क्षेत्र की स्थिति
सरकार ने विभिन्न देशों के एयरस्पेस की मौजूदा स्थिति भी बताई:
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का हवाई क्षेत्र पूरी तरह खुला है।
- सऊदी अरब और ओमान से उड़ानें सामान्य रूप से चल रही हैं।
- कतर का एयरस्पेस आंशिक रूप से खुला है।
- कुवैत और बहरीन में उड़ान सेवाएं सामान्य हैं।
- ईरान का एयरस्पेस सीमित रूप से खुला है। भारतीयों को वहां यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि क्षेत्रीय हालात पर नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर नए निर्देश जारी किए जाएंगे।
अब तक 3000 से अधिक नाविकों को बचाया गया
बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों में किसी भारतीय जहाज या नाविक के साथ कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। अब तक 3,096 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। सरकार के मुताबिक हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम पर हजारों कॉल और ईमेल आए हैं। भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास लगातार लोगों की मदद कर रहे हैं।
भारत ने बढ़ाई समुद्री और हवाई निगरानी
ईरान संकट के बीच भारत ने समुद्री और हवाई निगरानी बढ़ा दी है। 24×7 वॉर रूम के जरिए स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण वैश्विक चिंता बढ़ी हुई है, इसलिए भारत अपने नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर पूरा ध्यान दे रहा है। सरकार की कोशिश है कि कोई भी भारतीय संकट में न फंसे और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।

















