रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का क्या अंत होने जा रहा है? ये सवाल इसलिए, क्योंकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन संघर्ष अब खत्म होने की राह पर है। उन्होंने अमेरिका को बातचीत कराने के लिए धन्यवाद दिया, लेकिन साफ कहा कि यह मुद्दा आखिरकार सिर्फ रूस और यूक्रेन के बीच का है। पुतिन ने कहा, “हम अमेरिका का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने बातचीत में मदद की, लेकिन यह सिर्फ रूस और यूक्रेन का मामला है।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि यूक्रेन संघर्ष खत्म होने वाला है।”
आदान-प्रदान का इंतजार
पुतिन ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुझाए बड़े कैदियों के आदान-प्रदान पर अभी यूक्रेन की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा, “हम यूक्रेनी पक्ष से अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रस्ताव पर जवाब की उम्मीद कर रहे हैं। दुर्भाग्य से, अब तक हमें कोई प्रस्ताव नहीं मिला है।”
तीन दिन का सीजफायर प्रस्ताव
यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिन का अस्थायी सीजफायर प्रस्तावित किया था। यह 9 मई से 11 मई तक था, जो रूस के विक्ट्री डे समारोह के साथ मेल खाता था। विक्ट्री डे सोवियत संघ की द्वितीय विश्व युद्ध में भूमिका को याद करता है। ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल पोस्ट में लिखा था कि इस दौरान दोनों देशों के बीच सभी तरह की हिंसक गतिविधियां रुक जाएंगी।
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पुतिन के सहायक का बयान
इस बीच इसको लेकर पुतिन के सहायक यूरी उशाकोव ने कहा कि ट्रंप जो सीजफायर को आगे बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं, वह बिना आधार की है। उशाकोव ने बताया, “हां, यह उम्मीद बिना आधार की है। लेकिन वे उम्मीद कर रहे हैं, इसमें क्या बुराई है? वे इस दिशा में काम कर रहे हैं।” उन्होंने जोड़ा कि सीजफायर को लंबा खींचना सिर्फ ट्रंप पर नहीं, बल्कि रूस और यूक्रेन दोनों पर निर्भर करता है।
कैदियों की सूची पर काम
कैदियों के आदान-प्रदान के बारे में उशाकोव ने कहा कि दोनों देशों की एजेंसियां अभी कैदियों की सूचियां तैयार कर रही हैं। अगर दोनों पक्ष सहमत हो गए तो यह प्रक्रिया जल्दी पूरी हो सकती है। उन्होंने बताया, “मेरी जानकारी के अनुसार, आज संबंधित एजेंसियां सक्रिय रूप से सूचियां बना रही हैं। अगर उनके चैनल से सहमति बन गई तो आदान-प्रदान शुरू हो जाएगा।”
रूस ने पहले ही सीजफायर घोषणा से पहले यूक्रेन को कैदियों की सूची दे दी थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उशाकोव ने कहा कि अब ट्रंप के दबाव के कारण यूक्रेन जल्दी काम कर सकता है। उन्होंने आगे कहा, “सबसे पहले सूची बनानी है, सही लोगों की पहचान करनी है, फिर सहमति बनाकर आदान-प्रदान शुरू करना है। इसमें समय लगता है, लेकिन मुझे लगता है कि इसे काफी तेजी से किया जा सकता है। हमने यही तय किया है, अब देखते हैं व्यवहार में क्या होता है।”

















