केरल

भैयाजी जोशी का बड़ा बयान- ‘जातिवाद का पूरी तरह उन्मूलन हो, हम सब 140 करोड़ भारतीय हिंदू हैं’

आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैयाजी जोशी ने कहा कि समाज से जातिवाद खत्म होना चाहिए। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के संविधान का हवाला देते हुए 140 करोड़ लोगों को पहले भारतीय और हिंदू बताया। पढ़ें पूरी खबर।

Published by
Shivam Dixit

Bhaiyyaji Joshi on Casteism and RSS Kerala Speech । कुन्नमंगलम (कोझिकोड) : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला में केरल के कुन्नमंगलम में एक विशाल प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश जोशी (भैयाजी जोशी) ने समाज में व्याप्त जातिवाद और रूढ़िवादिता पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज से जातिगत चेतना का पूरी तरह उन्मूलन होना चाहिए।

600 जातियों में बंटा समाज, एकजुटता की जरूरत

भैयाजी जोशी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज में जाति को अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है। लोग लगभग 600 जातियों और उप-जातियों में विभाजित हैं और खुद को एक-दूसरे से अलग देखते हैं।

उन्होंने कहा, “हमारी परंपरा उन रिवाजों को त्यागने की रही है जो अब सामाजिक जीवन के अनुकूल नहीं हैं। जो प्रथाएं आधुनिक समाज के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें जाना ही होगा।”

भैयाजी जोशी ने समाज में वैचारिक क्रांति का आह्वान करते हुए कहा कि लैंगिक समानता (Gender Equality) का विरोध करने वाली विचारधाराओं को समाप्त किया जाना चाहिए।

भाषण के मुख्य अंश-

  • जाति से ऊपर राष्ट्रीय पहचान: भैयाजी जोशी ने कहा- डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा तैयार संविधान इस विचार को बढ़ावा देता है कि हम सभी पहले भारतीय हैं। भाषा या राज्य की सीमाओं के आधार पर विशेष गर्व की आवश्यकता नहीं है।
  • 140 करोड़ भारतीय हिंदू: उन्होंने जोर देकर कहा कि सामूहिक चेतना होनी चाहिए कि देश के 140 करोड़ लोग हिंदू हैं और मौलिक रूप से ‘भारतीय’ हैं।
  • पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण: बढ़ते तलाक के मामलों और व्यक्तिवाद के कारण टूटते परिवारों पर चिंता जताते हुए उन्होंने भारतीय परिवार प्रणाली को मजबूत करने की अपील की।

शिक्षा, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

भैयाजी जोशी ने नई पीढ़ी में सही सांस्कृतिक मूल्यों के विकास के लिए परिवार और शिक्षा प्रणाली दोनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, उन्होंने एक ऐसी जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया जिसमें पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण शामिल हो।

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