
जातिवाद छोड़ें, हम सब पहले भारतीय : भैयाजी जोशी
Bhaiyyaji Joshi on Casteism and RSS Kerala Speech । कुन्नमंगलम (कोझिकोड) : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों की श्रृंखला में केरल के कुन्नमंगलम में एक विशाल प्रबुद्ध नागरिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश जोशी (भैयाजी जोशी) ने समाज में व्याप्त जातिवाद और रूढ़िवादिता पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज से जातिगत चेतना का पूरी तरह उन्मूलन होना चाहिए।
भैयाजी जोशी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज में जाति को अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है। लोग लगभग 600 जातियों और उप-जातियों में विभाजित हैं और खुद को एक-दूसरे से अलग देखते हैं।
उन्होंने कहा, “हमारी परंपरा उन रिवाजों को त्यागने की रही है जो अब सामाजिक जीवन के अनुकूल नहीं हैं। जो प्रथाएं आधुनिक समाज के अनुरूप नहीं हैं, उन्हें जाना ही होगा।”
भैयाजी जोशी ने समाज में वैचारिक क्रांति का आह्वान करते हुए कहा कि लैंगिक समानता (Gender Equality) का विरोध करने वाली विचारधाराओं को समाप्त किया जाना चाहिए।
भैयाजी जोशी ने नई पीढ़ी में सही सांस्कृतिक मूल्यों के विकास के लिए परिवार और शिक्षा प्रणाली दोनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, उन्होंने एक ऐसी जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया जिसमें पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सशक्तिकरण शामिल हो।