पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव खत्म होते ही भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुभेंदु अधिकारी ने इसे राजनीतिक हत्या बताया है। हालांकि, यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले करीब दस साल में उनके चार करीबी लोगों की मौत हो चुकी है।
चंद्रनाथ रथ की हत्या कैसे हुई
रात करीब 10:30 बजे उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके के डोलतला के पास यह घटना हुई। चंद्रनाथ रथ एसयूवी में आगे की सीट पर बैठे थे। एक कार ने उनके वाहन के आगे सड़क रोकी, जिससे गाड़ी धीमी हो गई। उसी समय एक बाइक आई और पास रुकी। बाइक पर सवार हमलावरों ने खिड़की से कई राउंड गोलियां चलाईं। तीन गोलियां चंद्रनाथ रथ को लगीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों ने इस जानकारी दी है।
इससे पहले हुई तीन मौतें
2013-प्रदीप झा
जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में थे, तब उनके पीए प्रदीप झा की पूर्व मेदिनीपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उस समय जांच में कोई आपराधिक पहलू सामने नहीं आया था।
2018-शुभब्रत चक्रवर्ती
शुभेंदु अधिकारी की सुरक्षा में तैनात पुलिस कांस्टेबल शुभब्रत चक्रवर्ती कांथी के पुलिस बैरक में मृत पाए गए। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया। लेकिन 2021 में उनकी पत्नी ने नई जांच की मांग की, जिसके बाद सीआईडी ने केस दोबारा खोल लिया।
2021-पुलक लाहिड़ी
शुभेंदु अधिकारी के दूसरे निजी सहयोगी पुलक लाहिड़ी की भी असामान्य परिस्थितियों में मौत हुई। इस मामले में भी किसी साजिश के पुख्ता सबूत सामने नहीं आए। इस तरह चंद्रनाथ रथ के साथ कुल चार करीबी लोगों की मौत हो चुकी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है। भाजपा का कहना है कि शुभेंदु अधिकारी को राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए उनके करीबियों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और केंद्रीय एजेंसी से छानबीन की मांग की है।
तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस दुखद घटना का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े चेहरे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के खिलाफ चुनावी मैदान में दो बार अच्छा प्रदर्शन किया है। उनके स्टाफ की बार-बार हो रही मौतों से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।












