नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पटरी पर नहीं उतर पा रही। दोनों ही देश एक-दूसरे को धमकी देने में लगे हुए हैं। ट्रंप जहां ईरान से कह रहे हैं कि उसके पास दो ही रास्ते हैं या तो समझौता करे या फिर सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहे। दूसरी तरफ ईरान झुकता हुआ नजर नहीं आ रहा है। वह खुद को मजबूत दिखाए हुए है। दोनों ही देश एक-दूसरे के प्रस्तावों को मानने के लिए तैयार नहीं है। दरअसल ईरान होर्मुज में अमेरिकी दखल को खत्म करना चाहता है और अमेरिका वहां से अपना कंट्रोल बनाए रखना चाहता है।
अमेरिका ने ईरान को बताया गटर में रहने वाले चूहे
ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक नया 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं है। ट्रंप ने इसके साथ ही ईरान को तबाह करने की धमकी दी है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरानी नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ईरान को गटर के पाइप में रहने वाले चूहे करार दिया है। इसके साथ ही कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब ईरान के खिलाफ हो चुका है।
US-Iran War: ट्रंप ने दी ईरान को धमकी, बोले- या तो समझौता करो या….सैन्य कार्रवाई
‘गटर में रहने वालों के लिए बाहर की दुनिया समझना मुश्किल’
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का कहना है कि गटर के पाइप में रहने वाले चूहों के लिए बाहर की दुनिया में क्या हो रहा है यह समझना बहुत मुश्किल होता है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व के लिए कहा कि वे अंधेरे में बैठे हैं और उन्हें यह नहीं पता कि अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है। उनके इस बयान पर दक्षिण अफ्रीका में ईरान के दूतावास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और कहा कि आप और आपके बॉस युद्ध हार चुके हैं। आपकी ये बातें जीत की नहीं बल्कि दर्द की निशानी हैं।

















