वेनेजुएला पर ड्रग्स का आरोप लगातार दूसरे देशों में हस्तक्षेप कर रहा है। इसी क्रम में मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबॉम ने अमेरिका को दो टूक कहा है कि अमेरिका के अधिकारियों को बिना अनुमति के किसी भी एंटी-ड्रग ऑपरेशन में शामिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए।
क्या है पूरा मामला
मामला कुछ यूं है कि 19 अप्रैल को मैक्सिको के उत्तरी राज्य चिहुआहुआ में एक एंटी-नार्कोटिक्स ऑपरेशन के बाद एक कार दुर्घटना हो गई। इसमें दो अमेरिकी अधिकारी और दो मेक्सिकन अधिकारी मारे गए। मेक्सिको सरकार को इस ऑपरेशन में अमेरिकी अधिकारियों की भागीदारी की कोई जानकारी नहीं थी। दुर्घटना के बाद ही उन्हें पता चला।
अमेरिका को भेजा डिप्लोमेटिक नोट
बाद में शेनबॉम ने प्रेस में बताया कि मेक्सिको ने अमेरिका को डिप्लोमैटिक नोट भेजा। इसमें साफ कहा गया कि संघीय सरकार को इन लोगों की भागीदारी की खबर नहीं थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह एक अपवाद था और आगे ऐसा नहीं होगा। मेक्सिको ने अमेरिका से अपना संविधान और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून का सम्मान करने को कहा। अमेरिका ने भी इस पर सहमति जताई। मेक्सिको की सुरक्षा कैबिनेट ने बताया कि दोनों अमेरिकी अधिकारी पासपोर्ट या सुरक्षा गतिविधियों के लिए कोई औपचारिक अनुमति नहीं रखते थे। उनमें से एक तो पर्यटक के रूप में देश में घुसा था। सरकार का कहना है कि खुफिया जानकारी साझा करना ठीक है, लेकिन अमेरिकी एजेंटों या फोर्स को मेक्सिकन जमीन पर ऑपरेशन में शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
अमेरिका की हरकतों से पैदा होता तनाव
यह घटना अमेरिका और मेक्सिको के बीच सुरक्षा सहयोग पर फिर से तनाव पैदा कर रही है। शेनबॉम सरकार खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान का स्वागत करती है, लेकिन अपने देश में विदेशी एजेंटों की सीधी भागीदारी को पसंद नहीं करती।
दुर्घटना वाले दिन दोनों देशों के अधिकारी एक साथ ऑपरेशन से लौट रहे थे। कार दुर्घटना में कुल चार लोग मारे गए – दो अमेरिकी (जिन्हें सीआईए अधिकारी बताया जा रहा है) और दो मेक्सिकन। ऑपरेशन नशीले पदार्थों और कार्टेल्स के खिलाफ था, लेकिन इसमें गिरफ्तारियों या जब्ती की कोई डिटेल अभी सामने नहीं आई।
यह मामला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप ने मेक्सिकन कार्टेल्स के खिलाफ ज्यादा सख्त कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर एकतरफा एक्शन की बात की थी। मेक्सिको की तरफ से साफ संदेश है कि अपने कानून और संप्रभुता का पूरा सम्मान होना चाहिए।











