नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के 7 बागी सांसदों को राज्यसभा सचिवालय से BJP में विलय की मंजूरी मिल गई है। राज्यसभा सचिवालय की तरफ से इसे लेकर सोमवार को अधिसूचना जारी हुई है। राज्यसभा में अब BJP के सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। इससे पहले राज्यसभा में बीजेपी के 106 सांसद थे जिनकी संख्या अब बढ़ गई है। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) की संख्या राज्यसभा में अब सिर्फ तीन रह गई है। कांग्रेस के राज्यसभा में 29 सांसद हैं।
बता दें कि राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में विलय की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि ‘आप’ के दो-तिहाई से ज्यादा सांसद बीजेपी का दामन थाम रहे हैं। इसके साथ ही राज्यसभा को पत्र लिख विलय की अनुमति मांगी थी। सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है। 
राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के एक पोस्ट में लिखा था कि भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए राज्यसभा में आम आदमी पार्टी (AAP) के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने भाजपा में विलय कर लिया है। सात सांसदों ने उस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसे राज्यसभा के अध्यक्ष को सौंपा गया था। मैंने, दो अन्य सांसदों के साथ, व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षरित दस्तावेज सौंपे। बीजेपी में शामिल सांसदों में स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह भी शामिल हैं। साथ ही बलबीर सिंह सीचेवाल और विक्रमजीत सिंह साहनी भी BJP में शामिल हुए हैं।
सात सांसदों के BJP में शामिल होने से आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल इनमें दो सांसद पंजाब से हैं और वहां अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी को करारा झटका लगा और पंजाब आम आदमी पार्टी के हाथ से अगले विधानसभा चुनाव में फिसल सकता है। वहां पहले से ही सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले से ही धीरे-धीरे अपनी लोकप्रियता खो रहे हैं और पार्टी के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है।











