ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। दो हफ्ते का सीजफायर आज अंतिम घंटों में पहुंच चुका है। इस बीच अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे सीजफायर को और बढ़ा दिया है। साथ ही धमकी दी है कि अगर कोई नया समझौता नहीं होता तो दोनों तरफ से लड़ाई फिर शुरू हो सकती है।
ट्रंप बोले-मेरे पास अधिक समय नहीं है
ट्रंप ने सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में साफ कहा, “हमारे पास ज्यादा समय नहीं है। ईरान के पास विकल्प है, उन्हें बातचीत करनी होगी।” उन्होंने सीजफायर बढ़ाने के बारे में कहा, “मैं ऐसा नहीं करना चाहता।” अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान जाने वाला अपना दौरा रद्द कर चुके हैं। ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुश्नर वाशिंगटन में सलाह-मशविरा कर रहे हैं।
अमेरिका की अस्वीकार्य हरकतों की वजह से टला है फैसला
ईरान की तरफ से अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने स्टेट टीवी को बताया कि अमेरिका की “अस्वीकार्य हरकतों” की वजह से फैसला टला हुआ है। उन्होंने अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में लगाए गए ब्लॉकेड का जिक्र किया। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने एक्स पर लिखा, “हम धमकियों की छाया में बातचीत स्वीकार नहीं करते।” ईरान का कहना है कि उनके पास युद्धक्षेत्र में नई ताकत है जो अभी सामने नहीं आई है।
इसे भी पढ़ें: न्यूजीलैंड में शरण लेने के लिए भारत को किया बदनाम, झूठ से उठे तमाम सवाल?
इजरायल को नहीं है इस बातचीत पर भरोसा
इजरायल को इन बातचीत पर भरोसा नहीं है। एक वरिष्ठ इजरायली रक्षा अधिकारी ने कहा, “ईरानी समय बर्बाद कर रहे हैं और दोहरी जुबान बोल रहे हैं। हम और अमेरिकी पूरी तरह तैयार हैं, अगर जरूरत पड़ी तो तुरंत लड़ाई शुरू कर देंगे।” इजरायल और अमेरिका ने पिछले दिनों संयुक्त अभ्यास किए हैं, जिसमें फाइटर जेट और रिफ्यूलिंग टैंकर शामिल थे। दोनों देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम और संवर्धित यूरेनियम को छोड़ने के लिए दबाव डालने की योजना बना रहे हैं।

















