ईरान का एक नया मामला सोशल मीडिया पर वायरल है। सोशल मीडिया के अनुसार ईरान की एक नर्स सलहे अकबरी के पति ने आत्महत्या की कोशिश की। उसने इससे पहले अपनी कहानी को इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था।
नर्स को इंसानियत की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी
ईरान में दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के दौरान सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हुए थे। इसमें आम जनता ने बढ़-चढ़कर भाग लिया था। प्रदर्शनों को दबाने के लिए क्रूरता की हद तक ईरान की सरकार ने काम किया। उन नर्सों तक को मौत दी, जिन्होनें प्रदर्शनकारियों का इलाज किया। एक नर्स की कहानी सामने आई है। शायद इससे वीभत्स कुछ हो ही नहीं सकता है। नर्स को केवल इस कारण मार डाला गया क्योंकि उसने प्रदर्शनकारियों का इलाज किया? सालेह अकबरी के घर पर छापा मार कर गोली मारी गई। उसके मृत शरीर के साथ बलात्कार किया गया। सुरक्षा एजेंट्स ने इसका वीडियो बनाकर पति को भी भेजा। उन्होंने उसके फोन को उसकी उंगली का इस्तेमाल करते हुए खोला और उसके पति को इसलिए फोन लगाया क्योंकि वे यह बता सकें कि वे उसकी मरी हुई बीवी के शरीर के साथ आखिर क्या कर रहे हैं?
The Iran Watcher की पोस्ट के अनुसार इस्लामिक रिपब्लिक की सिक्योरिटी फोर्स ने अकबरी और उसके पति अहमद के घर पर धावा बोला। 38 वर्षीय सालेह नर्स थीं और वे अपने पति के साथ मिलकर रूम टेक्निशन का काम कर रही थीं। उन्हें पहाड़ों पर चढ़ना भी पसंद था। इन दोनों ने अपना घर उन प्रदर्शनकारियों के लिए खोल दिया था, जो जनवरी 2026 के विरोध प्रदर्शन में घायल हो गए थे। चूंकि वे लोग सरकार का विरोध कर रहे थे, इसलिए वे अस्पताल जाने से डर रहे थे और उन्होंने फिर ऐसे ही केंद्रों का रुख किया, क्योंकि सरकार उन्हें पागल कुत्तों की तरह खोज रही थी। इस जोड़े ने ऐसे लोगों को शरण दी, उनका इलाज किया और जीवन बचाया। परंतु यह जीवन बचाना इन दोनों के लिए भारी पड़ गया।
सरकारी दमन में नर्स की निर्मम हत्या और अमानवीय अत्याचार
जैसे ही सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को कुचलना शुरू किया, वैसे ही भारी संख्या में धरपकड़ और हमला शुरू हो गया। दोनों के घर पर भी हमला हुआ। सालेह ने सिक्योरिटी फोर्स और अपने शौहर के बीच में खुद को झोंक दिया। उन्हें उनके पति और छोटे बच्चे के सामने ही गोली मार दी। उसने अपने पति की बाहों में दम तोड़ दिया। एजेंट्स ने उसके मृत शरीर के साथ बलात्कार किया, उसे क्षत-विक्षत किया और उसकी तस्वीरें लीं। यह सब उसके पति को मानसिक अत्याचार के रूप में भेजा।
🚨 A devastated husband took his own life after regime agents raped his dead wife’s body and sent him the photos.
Islamic Republic security forces raided the home of Saleheh Akbari and her husband Ahmad Khodaei.
Saleheh, a 38-year-old nurse, operating room technician, and… https://t.co/1XEOm2tLu4 pic.twitter.com/jNiGgoqyP8
— The Iran Watcher 🇮🇷 (@TheIranWatcher) April 19, 2026
ईरान की विस्थापित कार्यकर्ता मसीह अलिनेजद ने भी इस घटना के विषय में लिखा कि अकबरी की हत्या के बाद, उसके पति को मारा गया, 11 दिनों तक कैद किया गया और उसे चुप रहने के लिए कहा गया। अहमद ने उन्हें सारी घटना बताई थी कि आखिर उनके और उनकी पत्नी के साथ क्या हुआ था? जब अहमद को कैद से रिहा किया गया, तो उनका उत्पीड़न लगातार हो रहा था और उन्हें धमकियां दी जा रही थीं। उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव डाला जा रहा था और उसके चलते उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया है और उनकी हालत के विषय में पता नहीं चल पाया है।
क्रूरता की हदें पार
अलिनेजद की पोस्ट से इतर और पोस्ट्स सोशल मीडिया पर वायरल हैं, उनके अनुसार अहमद ने आत्महत्या कर ली। यह घटना हृदय विदारक है और स्तब्ध करने वाली है कि विरोध प्रदर्शनों के दमन के नाम पर इस सीमा तक अत्याचार किया जाए कि व्यक्ति आत्महत्या ही कर ले और विरोध प्रदर्शनों को दबाने के नाम पर एक महिला की केवल हत्या ही न की जाए, बल्कि उसके शव के साथ हर प्रकार के कुकर्म किये जाएं और शरीर पर हुए इन अत्याचारों को उसके पति को भी भेजा जाए!यह कल्पना से परे है और इस जघन्य घटना पर तमाम प्रगतिशील और मानवता के ठेकेदारों का बेशर्म मौन भी कल्पना से परे है। आखिर इस सीमा तक कोई निष्ठुर कैसे हो सकता है? विमर्श में इतनी हृदय हीनता कैसे आ सकती है यह समझ नहीं आ रहा है।

















