नई दिल्ली/मुंबई: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के नासिक बीपीओ में हुए मतांतरण और यौन शोषण मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। कंपनी ने विवादों से घिरी इस पूरे प्रकरण की मुख्य आरोपी निदा खान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। कंपनी की तरफ से जारी लेटर में निदा खान के असली पोस्ट के बारे में भी बताया गया है। अभी तक उन्हें कंपनी का एचआर हेड बताया जा रहा था। उसकी असली पोस्ट प्रोसेस एसोसिएट थी।
9 अप्रैल 2026 को जारी टीसीएस के आधिकारिक सस्पेंशन लेटर में उसके एचआर हेड होने के दावों को खारिज किया गया है। पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा है कि निदा 27 दिसंबर 2021 से कंपनी में प्रोसेस एसोसिएट के पद पर कार्यरत थी।
पत्र में कंपनी ने लिखा है कि पुलिस/न्यायिक मामले जैसी गंभीर स्थिति को देखते हुए निदा खान को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाता है। कंपनी ने उसके टीसीएस नेटवर्क तक एक्सेस को भी बंद कर दिया गया है। प्रबंधन ने साफ निर्देश दिया है कि वह किसी भी अन्य कर्मचारी से इस विषय पर बात न करे।
क्या है पूरा मामला?
नासिक टीसीएस की एक 23 साल की बीपीओ कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के मुताबिक उसके सीनियर सहकर्मी दानिश शेख ने शादी का झूठा वादा कर उसका शारीरिक शोषण किया और उस पर मुस्लिम बनने का दबाव डाला गया। जिसमें उनका साथ निदा खान ने दिया। शिकायत के अनुसार, निदा खान और तौसीफ ने मिलकर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां भी की थीं। आरोप लगा कि उनका यह गिरोह सुनियोजित तरीके से 18 से 25 साल की युवा महिला कर्मचारियों को अपना शिकार बनाता था। इसके लिए उन्होंने एक व्हॉट्सएप ग्रुप भी बनाया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (विवाह का झूठा वादा करके यौन संबंध बनाना), 75 (यौन उत्पीड़न) और 299 (धार्मिक आस्था का अपमान) के तहत गंभीर मुकदमे दर्ज किए हैं।
इस मामले में अब तक दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि निदा खान अभी फरार है।
हिंदू लड़कियों को ऑफिस में बुर्का पहनना सिखाती थी निदा खान
निदा खान की छवि ऑफिस में दबंग की थी। सब उससे डरते थे। वह दफ्तर में महिलाओं को इस्लामी परंपरा के मुताबिक कपड़े पहनने सिखाती थी। निदा खान हिंदू लड़कियों को बुर्का पहनने के लिए मजबूर करती थी। मीडिया रिपोर्ट में कंपनी की एक महिला कर्मचारी ने खुलासा किया है कि निदा खान ऑफिस में महिलाओं को बुर्का पहना सिखाती थी। उसकी भूमिका कंपनी में सिर्फ एक कर्मचारी तक ही सीमित नहीं थी। वह उन आरोपी टीम लीडर्स के साथ खड़ी रहती थी जिन पर कर्मचारियों पर जबरन मतांतरण और यौन उत्पीड़न के लिए दबाव बनाने का आरोप है।
निदा खान की पहचान बीपीओ में ‘दबंग मैम’ की थी। वह कर्मचारियों पर बुर्का पहनने और इस्लाम के कस्टम अपनाने का दबाव डालती थी। उसके प्रभाव के कारण लोग उससे डरते थे। वह जबरन वहां काम करने वाले हिंदू कर्मचारियों को मुस्लिम बनाने का काम कर रही थी।











