आज के समय में वैश्विक स्तर पर चल रही राजनीतिक हलचल का असर सीधे बाजारों पर देखने को मिल रहा है। खासकर ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों के मन में अस्थिरता पैदा कर दी है। इसी कारण गुरुवार, 9 अप्रैल को सोना, चांदी, शेयर बाजार और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में करीब 1585 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, जिससे 24 कैरेट सोना लगभग 1,49,536 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखी गई है और यह लगभग 8566 रुपये प्रति किलो सस्ती होकर करीब 2,35,475 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। आमतौर पर इस तरह की गिरावट तब देखने को मिलती है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव या युद्ध जैसी स्थिति में बदलाव होता है। शादी के सीजन से पहले सोना खरीदने वालों के लिए यह गिरावट राहत लेकर आई है। 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम भी कम हुए हैं। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, जीएसटी से पहले 10 ग्राम सोने की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है। इससे बाजार में खरीदारी का माहौल थोड़ा बेहतर हुआ है।
कमोडिटी बाजार में भी यही रुझान देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोना और चांदी दोनों के वायदा भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें नीचे आई हैं, जिससे यह साफ होता है कि वैश्विक निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है। अगर तनाव बढ़ता है या सीजफायर में कोई बदलाव आता है, तो कीमतों में फिर से तेजी आ सकती है। वहीं, स्थिरता बनी रहने पर सोने और चांदी के दामों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी भी संभव है।













