मिडिल ईस्ट में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को यह भरोसा दिया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। खासकर एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर कोई असर नहीं पड़ा है। इस आश्वासन से आम लोगों को काफी राहत मिली है, क्योंकि ऐसे समय में लोगों को ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों की चिंता होने लगती है।
एलपीजी कीमतें स्थिर, शहरों में मामूली अंतर- अभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। दिल्ली में 14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर करीब 913 रुपये में मिल रहा है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर 2078.50 रुपये का है। इसी तरह मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि अलग-अलग शहरों में थोड़ी-बहुत कीमतों का अंतर जरूर देखने को मिलता है, जिसका कारण टैक्स और परिवहन खर्च होता है। कुछ शहरों में कीमतें थोड़ी ज्यादा हैं, जैसे पटना में घरेलू सिलेंडर 1000 रुपये से ऊपर है। वहीं नोएडा और लखनऊ में भी कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। फिर भी पूरे देश में स्थिति नियंत्रण में है और आपूर्ति पर कोई संकट नहीं है।
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गैस वितरण में सुधार- सरकार ने केवल कीमतों को ही नहीं संभाला है, बल्कि गैस वितरण व्यवस्था को भी बेहतर बनाया है। अब ज्यादातर लोग ऑनलाइन गैस बुकिंग कर रहे हैं, जिससे समय की बचत होती है और प्रक्रिया आसान हो गई है। इसके साथ ही DAC (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) सिस्टम लागू किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सिलेंडर सही व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए भी सख्त कदम उठाए हैं। हाल ही में कई जगहों पर छापेमारी कर अवैध सिलेंडर जब्त किए गए। इससे यह साफ है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है।















