MCX पर चांदी में करीब 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इसके भाव लगभग 2,44,770 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गए। इसी तरह सोने की कीमतों में भी मजबूती देखी गई और यह लगभग 2.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,53,944 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया। यह तेजी घरेलू बाजार में मजबूत खरीदारी और वैश्विक संकेतों के चलते देखने को मिली।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कीमती धातुओं में तेजी का रुख बना रहा। स्पॉट गोल्ड और गोल्ड फ्यूचर्स दोनों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि वैश्विक निवेशक भी सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। अनिश्चितता के समय में सोना और चांदी को सुरक्षित विकल्प माना जाता है, इसलिए इनकी मांग में वृद्धि स्वाभाविक रूप से कीमतों को ऊपर ले जाती है। इस तेजी के पीछे कई कारण जिम्मेदार माने जा रहे हैं। वैश्विक राजनीतिक तनाव में हल्की नरमी और संभावित संघर्ष विराम की उम्मीदों ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया। साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई के दबाव कम हुए हैं, जिससे निवेशकों की खरीद क्षमता बढ़ी है और वे कीमती धातुओं में निवेश बढ़ा रहे हैं।
सोना-चांदी में मजबूती- भारतीय स्तर पर भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखने का निर्णय भी बाजार भावना को प्रभावित करता है। ब्याज दरों में स्थिरता से निवेशकों को भरोसा मिलता है और यह माहौल सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश को समर्थन देता है। देश के प्रमुख शहरों में भी कीमतों में अंतर देखने को मिला। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में सोने और चांदी के अलग-अलग भाव दर्ज किए गए, जो स्थानीय टैक्स, मांग और आपूर्ति जैसे कारकों पर निर्भर करते हैं। कुल मिलाकर, वैश्विक संकेतों, आर्थिक नीतियों और बाजार की मांग के संयुक्त प्रभाव से सोना और चांदी दोनों में मजबूती बनी हुई है।













