चमोली : सिखों के पवित्र धाम माने जाते श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे के आसपास 8 फुट तक ठोस बर्फ जमा हो गई है। अप्रैल माह में हो रही बर्फबारी से यहां रास्ते की बर्फ हटाने के काम में बाधा आ रही है। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ श्री हेमकुंड साहिब के कपाट इस वर्ष 23 मई 2026 को सुबह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। दशम गुरु गोबिंद सिंह की पूर्व जन्म की तप स्थली के रूप में विख्यात और 15,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित यह गुरुद्वारा भीषण बर्फबारी के कारण सर्दियों में बंद रहता है, जो आमतौर पर मई में खुलता है और अक्टूबर में शीतकाल के लिए बंद हो जाते हैं।
कपाट खुलने से पहले परम्परा के अनुसार, रास्ते ठीक करने का काम सेना की सिख रेजिमेंट द्वारा किया जाता है। रेजिमेंट के एक दल द्वारा गुरुद्वारे तक ट्रेकिंग कर हालात का जायजा लिया है। रोजाना मौसम खराब होने और बर्फबारी होने से रास्ता साफ करने में बाधाएं उत्पन्न हो रही है।
जानकारी के अनुसार सिख रेजिमेंट को इसी माह बैसाखी पर्व से रास्ते से बर्फ हटाने का काम शुरू करना है, कठिन पहाड़ी मार्ग होने की वजह से यहां बर्फ को मानव श्रम शक्ति से हटाया जा सकता है और इसे सेवा कार्य के रूप में सेना के सिख जवान अपने हाथ में लेकर पूरा करते रहे हैं।












