बहन का रिश्ता सिर्फ खून का नहीं, बल्कि भावनाओं, समझ और सहारे का भी होता है। हाल ही में किए गए हार्वर्ड के एक लंबे शोध से यह बात सामने आई है कि जिन लोगों की बहन होती है, वे अधिक खुशहाल और स्वस्थ जीवन जीते हैं। शोध के अनुसार, बहन के साथ जुड़े रहने से इंसान का तनाव कम होता है। जब हम अपनी बहन से बात करते हैं या उसके साथ समय बिताते हैं, तो मन हल्का महसूस करता है। इसका कारण यह है कि बहन के सामने हमें दिखावा करने की जरूरत नहीं होती। वह हमें बचपन से जानती है, इसलिए उसके साथ बातचीत सहज और सच्ची होती है।
यह भी देखा गया कि जिन लोगों की बहन होती है, उनके शरीर में तनाव पैदा करने वाला हार्मोन (कॉर्टिसोल) कम मात्रा में पाया जाता है। इससे शरीर जल्दी रिकवर करता है, इम्यून सिस्टम मजबूत रहता है और दिल भी बेहतर तरीके से काम करता है। आसान शब्दों में कहें तो बहन का साथ हमें अंदर से मजबूत बनाता है। मुश्किल समय में बहन का साथ और भी ज्यादा मायने रखता है। कई बार ऐसा होता है कि हमें अपनी समस्या का हल नहीं चाहिए होता, बल्कि किसी ऐसे इंसान की जरूरत होती है जो हमें समझ सके। ऐसे समय में बहन से कुछ मिनट की बात भी हमें सुकून दे सकती है। वह हमें यह एहसास दिलाती है कि हम अकेले नहीं हैं और सब ठीक हो जाएगा।
महिलाओं के लिए भी बहन का रिश्ता बहुत खास होता है। शोध में पाया गया कि जिन महिलाओं की बहन होती है, वे जीवन की कठिन परिस्थितियों जैसे तलाक या मेनोपॉज के बाद भी कम डिप्रेशन महसूस करती हैं। वे जल्दी संभल जाती हैं और आगे बढ़ने की ताकत पा लेती हैं। बचपन में भी बहन का प्रभाव बहुत सकारात्मक होता है। जिन बच्चों की बहन होती है, वे भावनाओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। वे दूसरों के साथ आसानी से घुल-मिल जाते हैं और स्कूल की समस्याओं का भी अच्छे से सामना करते हैं।











