काशीपुर: उधम सिंह नगर जिले में सड़क मार्ग से विभिन्न शहरों में पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सनातन की प्रतीक चिन्ह लहराते हुए स्पष्ट कर दिया कि वे अगला विधानसभा चुनाव हिंदुत्व और राष्ट्रवाद पर ही लड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि देवभूमि की सनातन ही पहचान है और यहां आने वाले देश दुनियां के लोग देवालयों में अपनी सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने आते हैं। उन्होंने काशीपुर को अध्यात्म की नगरी बनाए जाने के संकल्प को दोहराया और कहा कि केदारखंड और मानसखंड के प्रत्येक देवस्थान के पुनर्निमाण का काम चल रहा है। यहां देवभूमि में आने वालों का स्वागत सनातन के प्रतीक चिन्हों से किया जाएगा।
काशीपुर में मां बाल सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेश के चहुंमुखी विकास और सुख-शांति की कामना की। इसके उपरांत उन्होंने मंदिर प्रांगण में आयोजित भजन संध्या का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चैती मेला कोष की धनराशि से मां बाल सुंदरी मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं मंदिर परिसर के विकास की घोषणा की। मुख्यमंत्री धामी ने सनातन के प्रतीक चैती मेले में सभी श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए मां बाल सुंदरी से सभी की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मेले का आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का जीवंत महोत्सव है।
इस मेले में हमारे पारंपरिक उत्पादों के स्टॉल तथा स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस मेले को और भी अधिक आकर्षक बनाती हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि चैती मेले का यह भव्य आयोजन क्षेत्र के व्यापार, पर्यटन और स्थानीय विकास को नई गति देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चैती मंदिर को मानसखंड कॉरिडोर से जोड़कर इसे एक प्रमुख सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है।
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क्योंकि हमारा लक्ष्य है कि काशीपुर औद्योगिक नगर के साथ-साथ आस्था और श्रद्धा की नगरी के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति और सामाजिक संतुलन की रक्षा करना भी है और इस दिशा में हम लगातार ठोस कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून लागू किए गए हैं। ऑपरेशन कालनेमि के तहत राज्य में सनातन धर्म को बदनाम करने वालों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की है।
श्री धामी ने जसपुर से खटीमा तक नौ विधान सभा क्षेत्रों में सड़क मार्ग पर स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें सनातन प्रतीक चिन्ह गदा, त्रिशूल डमरू आदि भेंट किए।
गदरपुर बाजपुर के बाद रुद्रपुर के त्रिशूल चौक पर श्री धामी का हिन्दुत्व जयघोष और पुष्प वर्षा के बीच जगह जगह स्वागत हुआ। किच्छा में बुलडोजरों पर चढ़े उत्साही कार्यकर्ताओं ने पुष्प वर्षा कर श्री धामी का स्वागत किया। नौ विधानसभा क्षेत्रों से गुजरने वाला श्री धामी का काफिला देर रात खटीमा पहुंचा।

















