असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोग जैसे दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे किसान अपनी रोजी-रोटी के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। ये लोग रोज कमाते हैं और उसी से अपना घर चलाते हैं। लेकिन इनके पास भविष्य के लिए कोई पक्की बचत या सुरक्षा नहीं होती। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, काम करने की ताकत कम हो जाती है और कमाई भी घटने लगती है। ऐसे में बुढ़ापा उनके लिए बहुत कठिन समय बन जाता है।
बुढ़ापे की सुरक्षित आय योजना- इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना शुरू की है। इस योजना का मकसद है कि असंगठित क्षेत्र के लोगों को बुढ़ापे में हर महीने कुछ पैसे मिलते रहें, ताकि उन्हें किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े और वे सम्मान से जीवन जी सकें। इस योजना में 18 से 40 साल तक का कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है। इसमें हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करना होता है। यह रकम आपकी उम्र के हिसाब से तय होती है। अगर आप कम उम्र में इस योजना से जुड़ते हैं, तो आपको कम पैसा देना पड़ता है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, मासिक किस्त भी थोड़ी बढ़ जाती है।
सरकारी योगदान के साथ पेंशन लाभ- इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि जितना पैसा आप जमा करते हैं, उतना ही पैसा सरकार भी आपके खाते में जमा करती है। इससे आपकी बचत जल्दी बढ़ती है और आपको भविष्य में ज्यादा फायदा मिलता है। जब आपकी उम्र 60 साल हो जाती है, तब आपको हर महीने कम से कम 3000 रुपये पेंशन मिलती है। यह पेंशन जीवन भर मिलती रहती है, जिससे बुढ़ापे में खर्च चलाना आसान हो जाता है। अगर किसी कारण से लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके पति या पत्नी को इस पेंशन का आधा हिस्सा मिलता है। इससे परिवार को भी सहारा मिलता है।
कई बार ऐसा होता है कि लोग समय पर अपनी किस्त जमा नहीं कर पाते। ऐसा पैसों की कमी या बैंक में पैसे न होने की वजह से हो सकता है। इससे खाता फ्रीज हो जाता है। लेकिन चिंता करने की जरूरत नहीं है। आप अपनी बकाया किस्त, थोड़ा ब्याज और जुर्माना जमा करके खाते को फिर से चालू कर सकते हैं। इसके लिए आप अपने नजदीकी CSC केंद्र पर जाकर जरूरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर देकर प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। यह योजना गरीब और मेहनत करने वाले लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है। इसलिए सभी को समय पर अपनी किस्त जमा करनी चाहिए और अपने भविष्य को सुरक्षित बनाना चाहिए।











