नया वित्त वर्ष 2026-27 शुरू होते ही कई ऐसे बदलाव लागू हो रहे हैं, जो सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डालेंगे। खासकर नौकरी करने वाले लोगों और टैक्स भरने वालों के लिए इन नियमों को समझना बहुत जरूरी है।
PAN और HRA नियमों में सख्ती- सबसे बड़ा बदलाव पैन कार्ड से जुड़ा है। पहले पैन बनवाने के लिए सिर्फ आधार कार्ड काफी होता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब पैन बनवाने या उसमें बदलाव करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे। इसका मकसद फर्जी पहचान और धोखाधड़ी को रोकना है। इससे प्रक्रिया थोड़ी लंबी जरूर हो सकती है, लेकिन यह सुरक्षित कदम है। अब बात करें HRA यानी हाउस रेंट अलाउंस की। अगर आप साल में 1 लाख रुपये से ज्यादा किराया देते हैं, तो आपको मकान मालिक का पैन नंबर देना जरूरी होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि मकान मालिक आपका कोई रिश्तेदार तो नहीं है। सरकार ने यह कदम फर्जी क्लेम को रोकने के लिए उठाया है।
क्रेडिट कार्ड नियम सख्त- क्रेडिट कार्ड के नियम भी सख्त हो गए हैं। अगर आप साल में 10 लाख रुपये से ज्यादा का बिल डिजिटल तरीके से भरते हैं या 1 लाख रुपये से ज्यादा नकद भुगतान करते हैं, तो इसकी जानकारी आयकर विभाग को दी जाएगी। यानी अब बड़े खर्च छिपाना मुश्किल होगा। एक राहत की बात यह है कि अब आप क्रेडिट कार्ड से टैक्स भी भर सकते हैं। इससे लोगों को अपने पैसों को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद मिलेगी, हालांकि कुछ अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। इसके अलावा, अगर कंपनी आपको क्रेडिट कार्ड देती है और उसका भुगतान करती है, तो उसे आपकी आय माना जा सकता है और उस पर टैक्स लग सकता है। इसलिए खर्च का सही रिकॉर्ड रखना जरूरी है। पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाना अब अनिवार्य होगा, जिससे प्रदूषण कम होगा।











