आज विश्व जल दिवस है। जल संरक्षण के महत्व को देखते हुए इसे आज (22 मार्च) ही के दिन दुनियाभर में मनाया जाता है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानी की हर बूंद बचाने की अपील की है। उन्होंने इसे जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपील की है।
पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करके कहा, “पानी हमें जीवित रखता है और हमारे ग्रह के भविष्य को आकार देता है। विश्व जल दिवस पर आइए हम हर बूंद पानी बचाने और जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं।” उन्होंने आगे कहा कि आज उन लोगों को भी सलाम करने का दिन है जो टिकाऊ तरीकों से काम करते हैं, जागरूकता फैलाते हैं और संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं।
Water sustains us and shapes our planet’s future.
On World Water Day, let us reaffirm our commitment to conserve every drop of water and use it responsibly. Today is also a day to appreciate those who engage in sustainable practices, promote awareness and nurture a culture of… pic.twitter.com/lG2WlOmYGD
— Narendra Modi (@narendramodi) March 22, 2026
विश्व जल दिवस का महत्व
संयुक्त राष्ट्र हर साल 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाता है। इसका मुख्य फोकस सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल 6 पर है, यानी 2030 तक सबको पानी और स्वच्छता उपलब्ध हो। इस साल 2026 का ग्लोबल थीम “Water and Gender” है। इसका मतलब है कि पानी के फैसलों में महिलाओं को बराबर आवाज, लीडरशिप और मौके मिलने चाहिए। महिलाओं को पानी लाने-ले जाने में सबसे ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए उनकी भूमिका को मजबूत करना जरूरी है।
संयुक्त राष्ट्र की तरफ से इस दिन पानी की कमी, जलवायु परिवर्तन और सबको बराबर पानी मिलने की चुनौतियों पर ध्यान दिलाया जाता है। दुनिया भर की सरकारें, इंडस्ट्री और कम्युनिटी को मिलकर काम करना पड़ता है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी सुरक्षित रहे।
भारत में क्या हो रहा है
वहीं विश्व जल दिवस के अवसर केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि विश्व जल दिवस ताजे पानी के महत्व की याद दिलाता है और सस्टेनेबल तरीके से पानी मैनेज करने की जरूरत पर जोर देता है। कल 23 मार्च को नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में विश्व जल दिवस कॉन्क्लेव 2026 होगा। इसका थीम है “पानी के लिए उद्यम”। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल इसकी शुरुआत करेंगे।
राज्यों से विशेष अपील
मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे इस मौके पर अलग-अलग प्रोग्राम आयोजित करें। जैसे जागरूकता कार्यक्रम, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग जैसी अच्छी प्रैक्टिस दिखाना, इंडस्ट्री और शहरी बॉडीज के साथ मिलकर पानी की बचत बढ़ाना, और कम्युनिटी लेवल पर लोग खुद आगे आएं। इससे लोगों में जिम्मेदारी का भाव आएगा और पानी का सही इस्तेमाल बढ़ेगा।

















