उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (लोनी) में एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमले की साजिश पाकिस्तान में रची गई थी। पाकिस्तानी हैंडलर सरफराज उर्फ सरदार पर सलीम वास्तविक की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, सबसे पहले सुहेल गैंग को ढाई लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। सुहेल गैंग के नाकाम होने के बाद यह काम जीशान और उसके सगे भाई गुलफाम को सौंपा गया। इसके बाद दोनों ने सलीम वास्तविक के लोनी स्थित ऑफिस में घुसकर उन पर धारदार हथियारों से हमला किया। जीशान और गुलफाम ने सलीम का सर तन से जुदा करने की कोशिश, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती सलीम का अभी भी इलाज चल रहा है।
कौन है सुहेल गैंग?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले से कुछ दिन पहले सुहेल गैंग ने सलीम के घर और दफ्तर की रेकी की थी, लेकिन उस दौरान वह उन्हें नहीं मिले। इसके बाद पाकिस्तानी हैंडलर ने यह काम दो सगे भाइयों जीशान और गुलफाम को सौंपा। सुहेल मलिक उर्फ रोमियो वर्तमान में मेरठ स्थित सुभारती यूनिवर्सिटी के पीछे अपने एक दोस्त के मकान में रह रहा था। पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में सुहेल समेत उसके पांच साथियों को कौशांबी पुलिस ने 14 मार्च को जेल भेज दिया था। इन आरोपियों से स्थानीय पुलिस के साथ कई एजेंसियां भी पूछताछ कर रही है। वहीं, जांच के दौरान करीब 12 अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है।
सुहेल ट्रेनिंग सेंटर में आतंक का प्रशिक्षण दे रहा था
जाचं एजेंसियों के मुताबिक, सलीम वास्तिक की हत्या के लिए पाकिस्तान में बैठे सरफराज उर्फ सरदार ने सुहेल गैंग को ढाई लाख रुपये की सुपारी दी थी। सुहेल और इरम नाम की महिला पिछले तीन सालों से जासूसी नेटवर्क में सक्रिय थे और पाकिस्तानी एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। हैरान करने वाली बात यह है कि वे कौशांबी के भोवापुर गांव में ट्रेनिंग सेंटर चला रहे थे, जहां रुपयों का लालच देकर भारतीय युवाओं को ऑनलाइन आतंक और जासूसी का प्रशिक्षण दिया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान में बैठे सरफराज द्वारा इस ट्रेनिंग सेंटर को संचालित किया जा रहा था।
ईद के बाद गुस्ताख-ए-रसूल को निशाना बनाने की थी योजना
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर यूपी क्राइम ब्रांच ने समय रहते गुलफाम और जीशान को ढेर नहीं किया होता, तो आने वाले दिनों में बड़ी वारदातों को अंजाम दिया जा सकता था। गाजियाबाद के मसूरी नाहल गांव से पकड़े गए प्रतिबंधित संगठन से जुड़े संदिग्धों ने पूछताछ में यह खुलासा किया है कि ईद के बाद वे गुस्ताख-ए-रसूल को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।
सलीम वास्तिक की हालत में सुधार
27 फरवरी को गाजियाबाद के लोनी में एक्स मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक के दफ्तर में घुसकर जीशान और गुलफाम ने उन पर जानलेवा हमला किया था। उन्होंने उनके गले और पेट पर चाकू से कई वार किए थे। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है और तेजी से उनकी हालत में सुधार हो रहा है। सलीम वास्तिक अपने यूट्यूब चैनल पर इस्लामिक कुरीतियों और मुस्लिम महिलाओं के साथ होने वाले अत्याचारों के खिलाफ टिप्पणियां करते थे। साथ ही वह इस दुनिया में सनातन धर्म को सबसे अच्छा बताते थे।
















