नई दिल्ली: भारत ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक अस्पताल पर पाकिस्तानी हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने इस हमले को बर्बर और कायरतापूर्ण हिंसक कृत्य बताया है। MEA ने अपने बयान में कहा कि यह हमला हिंसा का एक कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य है। जिसमें एक ऐसे संस्थान में बड़ी संख्या में नागरिकों की जानें गई हैं जिसे किसी भी तरह से सैन्य लक्ष्य नहीं माना जा सकता।
नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम दे रहा पाक
विदेश मंत्रालय का कहना है कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में किए इस नरसंहार को सैन्य अभियान का नाम देने की कोशिश कर रहा है। काबुल के अस्पताल पर हमला पाकिस्तान की तरफ से की गई जघन्य आक्रामकता है। यह अफगानिस्तान की संप्रभुता पर एक स्पष्ट हमला और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए सीधा खतरा भी है।

यह हमला इस्लामाबाद के लगातार लापरवाह व्यवहार और अपनी सीमाओं से बाहर बढ़ते हिंसक कृत्यों के जरिए आंतरिक विफलताओं को छिपाने के लिए बार की जाने वाली कोशिशों को दिखाता है। पाक ने अफगानिस्तान पर यह हमला रमजान के महीने में किया है। यह समय दुनियाभर के मुस्लिम समुदायों के लिए शांति, चिंतन और दया का होता है। ऐसे समय में पाकिस्तान का यह हमला और भी निंदनीय है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोई धर्म, कोई कानून और कोई नैतिकता किसी अस्पताल और उसके मरीजों को जानबूझकर निशाना बनाने को उचित नहीं ठहरा सकती।
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पाक ने अफगानिस्तान में आम नागरिकों को निशाना बनाना किया शुरू
बता दें कि पाक के अफगानिस्तान के एक अस्पताल पर किए गए हमले में 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई के नाम पर जानबूझकर काबुल के अस्पताल को निशाना बनाया है। इस हमले ने जहां एक तरफ पाकिस्तान की साजिशों को उजागर करते हुए कई सवाल खड़े कर दिए हैं। दूसरी ओर पूरे अफगानिस्तान का कहना है कि वह इस हमले का बदला लेगा और पाकिस्तान के साथ अब कोई वार्ता नहीं होगी।
पाक और अफगानिस्तान के बीच फरवरी से जारी इस युद्ध में सीमा पर बार-बार झड़पें हुई हैं। इन हमलों और झड़पों में पाकिस्तान ने हवाई ताकत का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता मंदुल्लाह फितरत का कहना है कि हमले के समय अस्पताल में करीब 2,000 लोग इलाज करा रहे थे। दरअसल, नापाक पाक अफगान तालिबान को दबाने के लिए हवाई शक्ति का इस्तेमाल कर रहा है और निर्दोष लोगों को निशाना बना रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तानी हमलों के बाद अफगानिस्तान में अब तक 1,15,000 लोग विस्थापित हुए हैं और सैकड़ों की जान चली गई है।












