बंगाल चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने भवानीपुर विधानसभा सीट से सुवेंदु अधिकारी को उम्मीदवार बनाकर बड़ा मास्टरस्ट्रोक चल दिया है। अब ममता बनर्जी के पास दो सीटों से चुनाव लड़ने के अलावा कोई उपाय नहीं बचा है। ममता बनर्जी ने 2011 में मुख्यमंत्री बनने के बाद पार्टी के विधायक सुब्रत बक्शी से इस्तीफा कराया और उपचुनाव लड़कर विधानसभा में पहुंची थीं।
अब भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी के उम्मीदवारी के बाद ममता बनर्जी की व्यक्तिगत चुनौती काफी बढ़ गई है। ममता बनर्जी अगर इससे फिर से उम्मीदवारी पेश करती हैं तो उन्हें प्रचार में अपना अधिकतम समय अपने लिए इसी सीट पर देना पड़ेगा। इतना तय है कि ममता बनर्जी एक अन्य सीट से भी अपना नामांकन करेंगी और चुनाव प्रचार में अपना लगभग आधा समय उन्हें अपने लिए ही देना पड़ेगा। भाजपा के इस कदम से तृणमूल कांग्रेस पार्टी पशोपेश में आ गई है और उसके पास इसकी कोई भी काट नहीं है।
भवानीपुर सीट का गणित कुछ और ही कहता है
भवानीपुर विधानसभा सीट पर तृणमूल कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन ममता बनर्जी की लोकप्रियता पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है। यह सीट कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट के अंतर्गत हैं। ममता बनर्जी इस सीट पर अपने लिए अवश्य वोट ले लेती हैं मगर अपनी पार्टी के अन्य उम्मीदवारों के लिए मत नहीं करवा पाती हैं। ममता 2014 लोकसभा चुनाव के समय इस सीट से विधायक थीं तब भी भाजपा के तथागत रॉय कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट से उम्मीदवार के तौर पर भवानीपुर विधानसभा सीट पर सबसे आगे थे। तृणमूल कांग्रेस के 2014 लोकसभा चुनाव में कोलकाता दक्षिण लोकसभा सीट के उम्मीदवार सुब्रत बक्शी जो 2011 में भवानीपुर विधानसभा सीट के विधायक थे, वह लोकसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा से पिछड़ गए थे। यह पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए बड़ी खबर थी। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान, ममता बनर्जी इस सीट से विधायक थीं और तब भी तृणमूल कांग्रेस पार्टी भाजपा से महज 3168 मतों से आगे रही थी।
क्या भवानीपुर में दोहराएगा नंदीग्राम
इतने कम मतों से आगे रहने के कारण ममता काफी परेशान थीं। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में वह भवानीपुर विधानसभा सीट छोड़कर नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ खड़ी हुईं और चुनाव हार गईं। नंदीग्राम से 2021 में चुनाव हारना ममता बनर्जी के राजनीतिक जीवन की सबसे कमजोर कड़ी थी। ममता बनर्जी 2024 के लोकसभा चुनाव में भवानीपुर विधानसभा सीट पर तृणमूल के कमजोर प्रदर्शन से खौफजदा हैं क्योंकि इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस भाजपा से महज 8269 मतों से आगे थी । भवानीपुर विधानसभा सीट पर पार्टी के प्रदर्शन और अब सुवेंदु अधिकारी के उम्मीदवारी के कारण तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी को 2021 में नंदीग्राम सीट वाले परिणाम की आशंका है।

















