घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) को लेकर देश में चर्चा बढ़ गई है। मिडिल ईस्ट में राजनीतिक तनाव और तेल उत्पादन में उतार-चढ़ाव के कारण भारत में एलपीजी की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी के बीच सरकार ने एलपीजी कनेक्शन धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अब सभी घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है।
यदि कोई उपभोक्ता समय पर ई-केवाईसी पूरी नहीं करता है, तो उसे भविष्य में गैस सिलेंडर की डिलीवरी और सब्सिडी में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एलपीजी कनेक्शन केवल वास्तविक और योग्य लोगों तक पहुंचे। आधार आधारित वेरिफिकेशन से फर्जी या डुप्लीकेट कनेक्शन की पहचान आसान हो जाएगी और सब्सिडी सही लोगों तक पहुंचेगी।
घर बैठे करें मुफ्त ई-केवाईसी- ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है और इसे करने के लिए किसी गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन से घर बैठे ही इसे पूरा कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपनी गैस कंपनी का मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा। ऐप में लॉगिन करने के बाद ई-केवाईसी का विकल्प चुनकर आधार आधारित वेरिफिकेशन किया जा सकता है। इसके साथ ही ‘आधार फेस आरडी’ ऐप का इस्तेमाल करके अपना चेहरा स्कैन करना होगा। यह प्रक्रिया बेहद सरल और सुरक्षित है और कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है। यदि किसी को ऐप इस्तेमाल करने में परेशानी आती है, तो वह नजदीकी गैस वितरक से संपर्क कर सकता है या सरकार की हेल्पलाइन 1800-233-3555 पर कॉल कर मदद ले सकता है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी और भी महत्वपूर्ण हो गया है। योजना के अनुसार, लाभार्थियों को साल की पहली रिफिल से पहले ई-केवाईसी पूरी करनी होगी। एक बार ई-केवाईसी करने के बाद उसी वित्तीय वर्ष में दोबारा इसे करने की जरूरत नहीं होती। सरकार का कहना है कि यह कदम दो महत्वपूर्ण उद्देश्य पूरा करता है- एलपीजी कनेक्शन केवल सही लोगों तक पहुंचे और फर्जी या डुप्लीकेट कनेक्शन रोके जाएं। इससे सब्सिडी सही समय पर और सही लोगों तक पहुंचती है। इसलिए, सभी उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी पूरी करें। इससे न केवल उन्हें गैस सिलेंडर और सब्सिडी के लाभ बिना किसी रुकावट के मिलेंगे, बल्कि देश में एलपीजी वितरण प्रणाली भी और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेगी।















