पाकिस्तान नूर खान एयरबेस वाली चोट लगता है बड़ी जल्दी भूल गया। शायद यही कारण है कि एक बार फिर से पाकिस्तानी एयरफोर्स के विमानों ने अफगानिस्तान में कई शहरों पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। यहां तक कि उसने कंधार एयरपोर्ट के पास एक फ्यूल डिपो पर हमला किया। ये डिपो काम एयर कंपनी का है, जो सिविल एयरलाइनों और संयुक्त राष्ट्र के प्लेन को ईंधन देती है। इसके अलावा रिहायशी इलाकों में भी बम गिराए गए, जिससे कई घर पूरी तरह बर्बाद हो गए। इस बीच तालिबान ने खूनी बदला लेने की धमकी दी है।
खुद पाकिस्तान ने की पुष्टि
अफगानिस्तान पर किए गए हमले की पुष्टि खुद पाकिस्तानी सूचना मंत्री ने ही कर दी है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उसने तालिबान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। उसका आरोप है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे ग्रुप्स अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहे हैं और पाकिस्तान में हमले कर रहे हैं। जबकि, सच्चाई ये है कि पाकिस्तान ने ही टीटीपी को तैयार किया था, ताकि वो भारत पर प्रॉक्सी हमले करवा सके। वहीं अफगान तालिबान पहले से ही ये कह रहा है कि उसका टीटीपी से कोई लेना-देना नहीं है। बहरहाल, पाकिस्तान का दावा है कि उसके हमलों से तालिबान के कई लड़ाके मारे गए और उनके ठिकाने तबाह हुए।
अफगानिस्तान ने कहा-जबावी कार्रवाई होगी
इस बीच तालिबान सरकार ने इन हमलों को ‘क्रूर आक्रामकता’ और ‘घिनौना अपराध’ कहा। उनके प्रवक्ता ने कहा कि ये मानवीय सिद्धांतों के खिलाफ है, खासकर रमजान और ईद के वक्त। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि इसकी जवाबी कार्रवाई होगी। अफगान सेना ने पहले भी जवाब में पाकिस्तानी चौकियों पर हमले किए थे, जिसमें उनका दावा है कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और 19 चौकियां कब्जा की गईं। तालिबान ने बदले की कसम खाई है और कहा है कि वो चुप नहीं बैठेंगे।
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हताहत और नुकसान
हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई नागरिक मारे गए। सटीक संख्या अभी साफ नहीं है, लेकिन अफगानिस्तान का कहना है कि आम लोगों के घर तबाह होने से जान-माल का भारी नुकसान हुआ। कुछ रिपोर्ट्स में कंधार के फ्यूल डिपो और काबुल के इलाकों में धुआं और आग लगने की बात कही गई। पाकिस्तान की तरफ से भी पहले के झड़पों में अपने सैनिकों के मारे जाने की बात कही गई है। दोनों तरफ से अलग-अलग आंकड़े आ रहे हैं, लेकिन आम लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
किन-किन जगहों पर हुए हमले
हमले मुख्य रूप से काबुल (राजधानी), कंधार (तालिबान का गढ़), पक्तिया, पक्तिका, खोस्त और लगमान जैसे प्रांतों में हुए। कंधार में फ्यूल डिपो के अलावा रिहायशी इलाके भी प्रभावित। काबुल में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और धुआं उठता दिखा। बॉर्डर इलाकों में पहले से ही गोलीबारी और झड़पें चल रही हैं।

















