उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मसूरी इलाके में एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 संदिग्धों को धर दबोचा है। ये सभी इलाके के नाहल गांव के स्थानीय निवासी हैं। इन सभी पर देश विरोधी और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। सभी के खिलाफ UAPA एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
बताया जाता है कि गिरफ्तार किए गए शख्स लगातार ऑनलाइन तरीके से देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे थे। इन सभी ने इस्लामी कट्टरता को बढ़ावा देते हुए जिहादी संदेश भेजे थे।
क्या है पूरा मामला
रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों की ये कार्रवाई किसी बड़े ऑपरेशन का नतीजा है। कुछ समय पहले लोनी इलाके में सलीम वास्तव नाम के शख्स पर जानलेवा हमला हुआ था। उस घटना के बाद पुलिस ने इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कड़ी नजर रखना शुरू किया। इसी दौरान इन संदिग्धों के अकाउंट्स से कुछ आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री मिली। पता चला कि इन लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हुए थे, जहां जिहादी मैसेज और देश विरोधी बातें शेयर की जा रही थीं। इन व्हाट्सएप समूहों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों के युवक जुड़े हुए थे। पुलिस को शक हुआ कि ये ग्रुप किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं, इसलिए तुरंत एक्शन लिया गया।
कौन हैं ये पांच लोग?
ये सभी पांचों मसूरी के नाहल गांव के रहने वाले हैं। अभी तक उनकी उम्र, नाम या अन्य व्यक्तिगत जानकारियों को सार्वजनिक नहीं किया गया है। पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में रखे हुए है। हालांकि, इन सभी के पास से किसी तरह के हथियार, विस्फोटक या अन्य भौतिक सामान के बरामद होने का जिक्र नहीं किया गया है। मुख्य आधार ऑनलाइन गतिविधियां, मैसेज और सोशल मीडिया अकाउंट्स से मिले सबूत हैं।
संदिग्धों से हो रही पूछताछ
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ ने बताया कि इन संदिग्धों से लगातार पूछताछ की जा रही है। मामले में UAPA (गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है। एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कुछ और लोगों के शामिल होने की आशंका है, इसलिए आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।











