तेहरान, (हि.स.)। अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी के रूप में उनके दूसरे बेटे मोजतबा खामेनेई के नाम पर सहमति बन गई है। इस पर कोम में 88 सदस्यों वाली ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ (विशेषज्ञों की सभा) में मतदान हो चुका है। वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि खामेनेई के उत्तराधिकारी की भी मौत हो सकती है।
आपात सत्र में लिया गया निर्णय
ईरान इंटरनेशनल अखबार ने सूत्रों के हवाले से एक रिपोर्ट में कहा कि असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स गुरुवार को एक आपात सत्र में मोजतबा खामेनेई को आधिकारिक नेता के तौर पर घोषित करेगी। यह सत्र ईरान इंटरनेशनल की उस रिपोर्ट के दो दिन बाद आहूत किया गया है, जिसमें कहा गया था कि असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के दबाव में मोजतबा खामेनेई को अगला नेता चुना है।
मोजतबा के नाम से जताई असहमति
असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के प्रतिनिधियों के ऑफिस के दो सूत्रों ने बताया कि कम से कम आठ सदस्य गुरुवार के सत्र में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने इस चयन का विरोध किया है। खामेनेई का वारिस चुनने के लिए आपात बैठक कोम शहर में असेंबली बिल्डिंग पर इजराइली हमले के समय से पहले खत्म हो गई थी। गुरुवार की बैठक ऑनलाइन होगी। इसे कोम में फातिमा मासूमेह की दरगाह के पास एक इमारत से संचालित किया जाएगा। मोजतबा के चयन से नाखुश प्रतिनिधि नए सिरे से मतदान कराने की मांग कर सकते हैं।
आईआरजीसी का समर्थन
मोजतबा खामेनेई कई वर्षों से ईरान की राजनीति और सुरक्षा मामलों में पर्दे के पीछे से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्हें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी)का भारी समर्थन प्राप्त है।
खामेनेई की पत्नी की भी मौत
सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की पत्नी मंसूरेह खोजस्तेह बघेरजादेह की मौत भी मौत हो चुकी है। उन्होंने अपना आखिरी दिन कोमा में सेंट्रल तेहरान में पाश्चर एवेन्यू पर अपने घर के पास एक हॉस्पिटल में बिताया। उनका घर (कंपाउंड) अब पूरी तरह तबाह हो चुका है। खामेनेई दंपति के छह संतानों में चार बेटे 1979 की क्रांति से पहले और दो बेटियां बाद में पैदा हुईं। एक बेटी होदा भी हमले में मारी जा चुकी है।
ईरान पर अब तक की कार्रवाई से ट्रंप खुश
ईरान पर संयुक्त सैन्य अभियान में अब तक मिली सफलता की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तारीफ की है। उन्होंने कहा कि अब ईरान के अगले नेता की भी मौत हो सकती है। इस बीच इजरायल ने ईरान के एक बड़े नौसेना के ठिकाने पर विस्फोट किया है। ईरान के बंदर अब्बास में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नेवल बेस के पास जोरदार धमाके हुए हैं। ईरान ने अमेरिका को धमकी दी है कि श्रीलंका में युद्धपोत पर किए गए हमले का माकूल जवाब दिया जाएगा।
ईरान इंटरनेशनल समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इशारा किया कि ईरान के साथ लड़ाई बढ़ने पर अली खामेनेई के होने वाले वारिस मारे जाएंगे।
इजरायल जाने वाले हर जहाज को ईरान बनाएगा निशाना
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेवी के एक अनजान कमांडर ने धमकी दी है। उसने कहा कि ईरान अब अमेरिका और ब्रिटिश जहाजों और फारस की खाड़ी में इजरायल के लिए माल ले जाने वाले हर जहाज को निशाना बनाएगा। उनमें चाहे झंडा किसी भी देश का लगा हो। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने अल-खारज के पूरब में तीन ड्रोन को रोककर नष्ट करने का दावा किया है।
ईरान ने हिन्द महासागर में डुबोए गए अपने युद्धपोत पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने समुद्र में ज़ुल्म किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ”अमेरिका ने ईरान के तटों से 2,000 मील दूर समुद्र में ज़ुल्म किया है। मेरे शब्द याद रखना, अमेरिका ने जो किया है, उसके लिए उसे बहुत पछतावा होगा।”












