मध्य प्रदेश

भोपाल AIIMS डॉक्टर सुसाइड केस: NHRC ने लिया संज्ञान, HOD परवेज पर प्रताड़ना मामले में रिपोर्ट मांगी

भोपाल AIIMS में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सृष्टि वर्मा की मौत के बाद NHRC ने स्वत: संज्ञान लिया। HOD डॉ. मोहम्मद युनुस पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप, POSH कमेटी में शिकायत बेकार रही। पूरी जांच रिपोर्ट मांगी गई।

Published by
कुलदीप सिंह

भोपाल के AIIMS में एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की मौत का मामला काफी चर्चा में है। ये घटना दिसंबर 2025 में हुई, जब डॉक्टर ने एनेस्थीसिया की हाई डोज खुद को ही इंजेक्ट कर ली और करीब 25 दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद जनवरी में उनकी मौत हो गई। अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया है और मामले से संबंधित पक्षों से रिपोर्ट मांगी है।

क्या है पूरा मामला

मामला कुछ यूं है कि 38 वर्षीय डॉक्टर सृष्टि वर्मा (नाम बदला हुआ) भोपाल के AIIMS स्थित इमरजेंसी एंड ट्रॉमा डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर थीं। बताया जाता है कि 11 या 12 दिसंबर 2025 को उन्हें उनके हॉस्टल रूम में बेहोश हालत में पाया गया। उन्होंने खुद पर बेहोश करने वाली दवा (एनेस्थीसिया ड्रग) का ओवरडोज लिया था। उन्हें तुरंत AIIMS में भर्ती किया गया, लेकिन हालत गंभीर रहने के कारण वे 24-25 दिन वेंटिलेटर पर रहीं और आखिरकार मौत हो गई। सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया था, लेकिन परिवार और सहकर्मियों ने कार्यस्थल पर दबाव की बात कही।

HOD परवेज करता था प्रताड़ित

मृतका के परिवार ने आरोप लगाया है कि विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. परवेज (या कुछ रिपोर्ट्स में डॉ. मोहम्मद युनुस) की ओर से मानसिक प्रताड़ना, सार्वजनिक अपमान और काम में बाधाएं डाली जा रही थीं। डॉ. वर्मा ने तीन बार आंतरिक शिकायत की थी, POSH कमेटी में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता के पति ने आरोप लगाया कि अस्पताल की कार्य संस्कृति पूरी तरह गंदगी से भरी थी। उससे उनकी पत्नी अकेली नहीं, कई लोग इससे प्रभावित थे। सहकर्मी उन्हें मेधावी और समर्पित बताते हैं।

NHRC ने लिया एक्शन

NHRC ने मामला संज्ञान में लिया और आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव, AIIMS भोपाल के निदेशक और भोपाल पुलिस कमिश्नर से 15 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में पोस्टमॉर्टम, POSH कमेटी की कार्यवाही, FIR की कॉपी और जांच शामिल होनी चाहिए। NHRC ने आत्महत्या उकसाने और मानसिक प्रताड़ना वाली धाराओं पर फोकस करने को कहा है।

AIIMS पर गंभीर आरोप

पुलिस से जांच की प्रगति और धाराओं के तहत कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है। AIIMS मैनेजमेंट पर आरोप है कि शिकायतों को दबाने की कोशिश की गई, POSH कमेटी ने ठीक से काम नहीं किया। कुछ रिपोर्ट्स में HOD को हटाए जाने की बात भी आई है। संस्थान ने हाई-लेवल कमेटी बनाई है, लेकिन रिपोर्ट अभी पब्लिक नहीं हुई।

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