नई दिल्ली, (हि.स.)। भारत ने पश्चिम एशिया में संघर्ष के तेज होने पर एक बार फिर गहरी चिंता जताई। संवाद और कूटनीति की फिर से अपील की है। भारत ने कहा कि हम संघर्ष के शीघ्र अंत के पक्ष में स्पष्ट रूप से अपनी आवाज उठाते हैं। दुर्भाग्यवश, पहले ही कई जानें जा चुकी हैं और हम इस संबंध में अपना गहरा दुख व्यक्त करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान के सुल्तान और कुवैत के युवराज से बात की। उन्होंने वहां पर भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चर्चा की।
पीएम मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और कुवैत के युवराज शेख सबा अल खालिद अल हमद अल मुबारक अल सबा से फोन पर बातकर दोनों देशों पर हुए हमले पर चिंता जताई। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी ने खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा की है।
वहीं, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सरकार मौजूदा स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है। राष्ट्रीय हित में सभी उचित निर्णय लिए जाएंगे। सरकार इस क्षेत्र की सरकारों के साथ-साथ अन्य प्रमुख साझेदारों के संपर्क में है। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने अपने समकक्षों के साथ चर्चा की है।
व्यापारिक जहाजों पर हमले का विरोध
भारत ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि संघर्ष से व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति शृंखला के प्रभावित होने की संभावना है। इसके भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं। वैश्विक कार्यबल में भारतीय प्रमुख भूमिका निभाते हैं। ऐसे में भारत व्यापारिक जहाजों पर हमलों का कड़ा विरोध करता है। पिछले कुछ दिनों में ऐसे हमलों के परिणामस्वरूप कुछ भारतीय नागरिकों ने अपनी जान गंवाई है या लापता हैं।
भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं दूतावास
प्रवक्ता ने बताया कि प्रभावित देशों में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों और सामुदायिक संगठनों के साथ लगातार संपर्क में हैं और आवश्यकतानुसार नियमित रूप से सलाह जारी कर रहे हैं। उन्होंने संघर्ष में फंसे लोगों को हरसंभव सहायता भी प्रदान की है। दूतावास और वाणिज्य दूतावास इस संघर्ष के विभिन्न कांसुलर पहलुओं को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील
28 फरवरी को ईरान और खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने पर ही भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव न बढ़ाने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था। दुर्भाग्य से, रमज़ान के महीने में इस क्षेत्र की स्थिति लगातार और गंभीर होती जा रही है।
विनाश बढ़ता जा रहा है
रणधीर जायसवाल ने कहा कि हाल के दिनों में हमने न केवल संघर्ष की तीव्रता में वृद्धि देखी है, बल्कि इसका अन्य देशों में भी प्रसार हुआ है। विनाश और मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है, जबकि सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई हैं। इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक निकटवर्ती पड़ोसी के रूप में, ये घटनाक्रम अत्यंत चिंताजनक हैं।
खाड़ी क्षेत्र में एक करोड़ भारतीय
प्रवक्ता ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ‘हम किसी भी ऐसे घटनाक्रम से बेखबर नहीं रह सकते जो उन्हें नकारात्मक रूप से प्रभावित करता हो।
















