रायपुर (हि.स.) । छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे 120 पूर्व नक्सलियों ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा पहुंचकर सदन की कार्यवाही देखी। इस पहल का उद्देश्य पूर्व नक्सलियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और बैलेट की ताकत से परिचित कराना रहा।
66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल
विधानसभा पहुंचे आत्मसमर्पित नक्सलियों में 66 पुरुष और 54 महिलाएं शामिल थीं। इनमें नक्सल संगठन के पूर्व सेंट्रल कमेटी सदस्य रूपेश, बसवा, चैतू, ललिता और राजू भी मौजूद रहे। संगठन में सामान्य सदस्य रहे पूर्व नक्सलियों ने दर्शक दीर्घा से कार्यवाही देखी, जबकि सेंट्रल कमेटी स्तर के नेताओं को अध्यक्षीय दीर्घा में बैठाकर सदन की कार्यवाही दिखाई गई।
झीरम घाटी हमले का कथित मास्टरमाइंड भी शामिल
इस समूह में 25 लाख रुपये का इनामी और वर्ष 2013 के झीरम घाटी हमले का कथित मास्टरमाइंड चैतू करीब 35 वर्ष जंगलों में बिताने के बाद नवंबर 2025 में आत्मसमर्पण किया था और अब सामान्य जीवन की ओर लौट चुका है।
विधानसभा अध्यक्ष और सदस्यों ने किया स्वागत
विधानसभा अध्यक्ष तथा सदन के सदस्यों ने इन सभी का स्वागत करते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने पर शुभकामनाएं दीं। सरकार का मानना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं से सीधा परिचय पुनर्वास प्रक्रिया को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
2937 नक्सली अब तक जुड़ चुके हैं मुख्यधारा से
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री विजय शर्मा ने सदन को जानकारी देते हुए बताया कि अब तक राज्य में 2937 नक्सली पुनर्वास नीति का लाभ लेकर मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में हिंसा छोड़कर लौटने वालों का स्वागत और सम्मान किया जाना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री ने किया रात्रिभोज का आयोजन
विधानसभा भ्रमण से पहले गुरुवार रात उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने निवास पर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन भी किया, जहां उनसे संवाद कर पुनर्वास और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।











