नई दिल्ली। कैंसर का नाम सुनते ही जेहन कांप उठता है। यह जानलेवा बीमारी है। अगर किसी को परिवार में कैंसर हो जाए तो इंसान की जिंदगी बेहद कष्टमय हो जाती है। बच्चों में भी कैंसर की बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। लेकिन इस बीच एम्स की कैंसर पर एक स्टडी राहत देने वाली है। इस स्टडी में कहा गया है कि 94.5 फीसदी बच्चे कैंसर की बीमारी को मात देकर सामान्य जीवन जी रहे हैं।
यह बचपन में कैंसर से उबर चुके बच्चों के स्वास्थ्य पर नर रखने वाली अहम रिपोर्ट मानी जा रही है अध्ययन के अनुसार, कैंसर का इलाज पूरा होने के बाद बच्चों के जीवित रहने की दर 94.5 प्रतिशत पाई गई है। कैंसर की बीमारी से जूझ रहे बच्चों के माता-पिता के लिए यह यह रिपोर्ट राहत भरी है।

यह अध्ययन नई दिल्ली के एम्स और राजीव गांधी कैंसर संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र के शोधकर्ताओं की एक टीम ने किया है। टीम ने देश भर के 20 अलग-अलग केंद्रों से ऐसे 5,419 बच्चों के आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया। ये वो बच्चे हैं जिन्हें 18 साल की उम्र से पहले कैंसर हुआ था और वे इलाज के बाद पूरी तरह रोगमुक्त हो गए थे। जांच के दौरान इनमें से 5,140 बच्चों के जीवित रहने के स्पष्ट आंकड़े उपलब्ध थे।
रिपोर्ट कहती है कि इन बच्चों में ‘एक्यूट ल्यूकेमिया’ कैंसर (40.9 प्रतिशत) था। बच्चों के इलाज के 94.7 प्रतिशत मामलों में कीमोथेरेपी का उपयोग किया गया। जिनमें 30 प्रतिशत बच्चों में सर्जरी और 26.3 प्रतिशत मामलों में रेडियोथेरेपी का इस्तेमाल हुआ। इस रिपोर्ट में पांच साल से अधिक समय तक 94.5 प्रतिशत बच्चों का सर्वाइवल रेट उन अभिभावकों के लिए सुकून देने वाला है जिनके बच्चे इस घातक बीमारी से जूझ रहे हैं।











