अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मनमाने टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गैरकानूनी करार दिए जाने के बाद अब उन्होंने अदालत को ही ठेगा दिखाते हुए 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ लगा दिया है। ये टैरिफ उन्होंने ट्रेड एक्ट 1974 की सेक्शन 122 के तहत सभी देशों पर ये टैरिफ लगाए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला दिया कि ट्रंप ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करके जो बड़े पैमाने पर ग्लोबल टैरिफ लगाए थे, वो गैरकानूनी हैं। ये कानून 1977 का है, जो राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल में कुछ अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को विनियमित करने की ताकत देता है, लेकिन कोर्ट ने कहा कि इसमें टैरिफ लगाने की स्पष्ट अनुमति नहीं है। चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने मेजॉरिटी ओपिनियन लिखी। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति ने कांग्रेस की ताकत को बायपास करके अनगिनत टैरिफ पावर का दावा किया, जो संविधान के हिसाब से सही नहीं।
इस फैसले से ट्रंप के कई टैरिफ रद्द हो गए, खासकर वो जो पिछले साल लगाए गए थे – जैसे कनाडा, मैक्सिको पर 25%, चीन पर 10% और दूसरे देशों पर अलग-अलग रेट्स। ये टैरिफ ड्रग ट्रैफिकिंग और ट्रेड डेफिसिट जैसे मामलों पर लगाए गए थे। कोर्ट ने ये नहीं कहा कि पहले कलेक्ट हुए टैरिफ के पैसे रिफंड होंगे या नहीं – वो मुद्दा अभी लंबित रहेगा, और अरबों डॉलर का सवाल है।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में बोलते हुए इस फैसले को “देश के लिए शर्मनाक” बताया। उन्होंने कहा कि कोर्ट कुछ फॉरेन इंटरेस्ट्स और छोटे पॉलिटिकल मूवमेंट से प्रभावित है। ट्रंप ने कहा, “मुझे कोर्ट के कुछ सदस्यों पर शर्म आती है। बिल्कुल शर्म आती है कि उन्होंने देश के लिए सही करने की हिम्मत नहीं दिखाई।”
उन्होंने तीन न्यायधीशों की तारीफ की जो डिसेंट में थे – ब्रेट कवानॉ, क्लैरेंस थॉमस और सैमुअल अलिटो। लेकिन बाकी न्यायधीशों, खासकर अपनी अपनी अपॉइंट की गई एमी कोनी बैरेट और नील गोर्सच पर जमकर बरसे। ट्रंप ने उन्हें “RINOs और रैडिकल लेफ्ट डेमोक्रेट्स के लैपडॉग” कहा, “बहुत देशविरोधी और हमारे संविधान के प्रति बेवफा” बताया। बैरेट और गोर्सच को “उनके परिवारों के लिए शर्मिंदगी” कहा और कहा कि आने वाले स्टेट ऑफ द यूनियन एड्रेस में उन्हें “बेयरली” इनवाइट किया जाएगा।
जब उनसे विदेशी प्रभाव का सबूत मांगा गया, तो ट्रंप ने कहा, “आपको पता चलेगा।”
ट्रंप का अगला कदम
फैसले के कुछ घंटों बाद ही ट्रंप ने नए टैरिफ का ऐलान किया। उन्होंने ट्रेड एक्ट 1974 की सेक्शन 122 के तहत सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ लगा दिया, जो लगभग तुरंत प्रभावी होगा। ये टैरिफ 150 दिनों तक चल सकता है, उसके बाद कांग्रेस की मंजूरी चाहिए। ट्रंप ने कहा कि सेक्शन 232 और सेक्शन 301 के तहत पहले से लगे टैरिफ बने रहेंगे।
















