भारतीय सेना ने अपनी ताकत, तैयारी और रणनीतिक क्षमता को दिखाने के लिए एक नई और प्रभावशाली शैली अपनाई है। करीब साढ़े तीन मिनट के एक सिनेमाई वीडियो के माध्यम से भारतीय सेना ने अपनी नई लाइट कॉम्बेट बटालियन ‘भैरव’ की अनदेखी तस्वीरें देश और दुनिया के सामने पेश की हैं। यह वीडियो न सिर्फ सैन्य शक्ति का प्रदर्शन है, बल्कि एक गहरी सोच के साथ तैयार की गई विजुअल स्टोरीटेलिंग भी है, जो प्रेरणा, गर्व और आत्मविश्वास का संदेश देती है।
भैरव – नाम नहीं, परिणाम- महाशिवरात्रि जैसे पावन अवसर पर जारी किया गया यह वीडियो प्रतीकात्मक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है। ‘भैरव’ भगवान शिव के उग्र और रक्षक स्वरूप को दर्शाता है, जो विनाश के साथ-साथ सृजन और संरक्षण का भी प्रतीक है। इसी भाव को केंद्र में रखकर इस नई बटालियन का नाम ‘भैरव’ रखा गया है। वीडियो की टैगलाइन-“भैरव – नाम नहीं, पहचान। भैरव – नाम नहीं, परिणाम।” इस यूनिट की सोच, मिशन और संकल्प को बेहद प्रभावी तरीके से व्यक्त करती है।
शक्ति का सजीव प्रदर्शन- इस वीडियो की सबसे खास बात इसका सिनेमाई अंदाज है। अभिनेता अमिताभ बच्चन की गंभीर और प्रभावशाली आवाज में सुनाई गई कविता दर्शकों के भीतर देशभक्ति और गर्व की भावना को और प्रबल कर देती है। हर दृश्य बेहद सटीक, शक्तिशाली और भावनात्मक प्रभाव छोड़ने वाला है। जंगलों में घात लगाकर हमला करने की रणनीति, जलमार्ग से आगे बढ़ने की तकनीक, हेलीकॉप्टर से उतरकर दुश्मन पर सटीक प्रहार, और कठिन पहाड़ी इलाकों में कमांडो की चुस्ती- ये सभी दृश्य भैरव बटालियन की बहुआयामी क्षमता को दर्शाते हैं। डियो में आधुनिक हथियारों और तकनीकी संसाधनों की भी झलक दिखाई गई है। एके-203 असॉल्ट राइफल, नेगेव लाइट मशीन गन, रॉकेट लॉन्चर, नाइट विजन डिवाइस, ड्रोन और स्ट्राइक व्हीकल जैसे अत्याधुनिक उपकरण यह दर्शाते हैं कि भारतीय सेना तकनीकी रूप से कितनी सशक्त और भविष्य के लिए तैयार है। यह केवल हथियारों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि सेना बदलते युद्ध परिदृश्य को समझते हुए लगातार खुद को अपग्रेड कर रही है।
भैरव – नाम नहीं, पहचान
भैरव – नाम नहीं, परिणामWith profound gratitude to Shri Amitabh Bachchan for lending his iconic voice for the film.@SrBachchan pic.twitter.com/bKCApx2kZH
— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) February 15, 2026
‘भैरव’ बटालियन की नई पहचान- ‘भैरव’ बटालियन को विशेष रूप से तेजी से प्रतिक्रिया देने, सीमित समय में सटीक ऑपरेशन को अंजाम देने और कठिन से कठिन परिस्थितियों में निर्णायक कार्रवाई करने के लिए तैयार किया गया है। घने जंगल, ऊंचे पहाड़, रेगिस्तानी इलाके या जल क्षेत्र-हर तरह के टेरेन में यह यूनिट अपनी दक्षता साबित करने में सक्षम है। यह बटालियन आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जहां तेजी, सटीकता और गुप्त संचालन सबसे अहम होते हैं। रतीय सेना द्वारा शुरू की गई ‘शैडो एंड स्टील’ नामक सोशल मीडिया सीरीज के तहत इस वीडियो को जारी किया गया है। इस सीरीज के माध्यम से हर रविवार सेना अपने हथियारों, टैक्टिक्स और यूनिट्स को एक नए और आकर्षक अंदाज में पेश कर रही है। यह पहल न केवल युवाओं को सेना के करीब लाने का प्रयास है, बल्कि पारदर्शिता, विश्वास और प्रेरणा का भी एक मजबूत माध्यम बनती जा रही है। इस तरह की डिजिटल स्टोरीटेलिंग आज के दौर की मांग है। पश्चिमी देशों की सेनाएं पहले से ही इस तकनीक का उपयोग कर रही हैं, जहां वे अपने अभियानों और सैन्य क्षमताओं को प्रभावशाली वीडियो के जरिए जनता के सामने प्रस्तुत करती हैं। हाल ही में फ्रांस की सेना ने भी इसी तरह का एक वीडियो जारी किया था। भारतीय सेना का यह कदम दिखाता है कि वह न केवल युद्ध के मैदान में, बल्कि संचार और जनसंपर्क के क्षेत्र में भी वैश्विक स्तर की सोच अपना रही है।












