भुवनेश्वर। ओडिशा के केन्दुझर पुलिस द्वारा हाल ही में केन्दुझर और मयुरभंज समेत कुछ जिलों में गौतस्करों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बावजूद मयुरभंज जिले में गौतस्करी का मामला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अब भी पुलिस और प्रशासन से बेखौफ गौतस्कर धड़ल्ले से पश्चिम बंगाल के लिए गौवंश की तस्करी कर रहे हैं। एक कंटेनर में तकनीकी खामी आने के बाद गौतस्करी का एक मामला प्रकाश में आया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मयूरभंज जिले के बिशोई थाना क्षेत्र में अवैध गो-तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यांत्रिक खराबी के कारण एक गो-लोडेड कंटेनर सड़क किनारे खड़ा रह जाने से इस पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ। पुलिस ने कंटेनर से 25 मवेशियों में से 19 को मृत और 6 को जीवित अवस्था में बरामद किया है। सूचना के अनुसार, 49 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग से एक कंटेनर के माध्यम से अवैध रूप से 25 गायों को पश्चिम बंगाल की ओर ले जाया जा रहा था। बताया जाता है कि कंटेनर में अचानक यांत्रिक खराबी आ जाने के बाद चालक वाहन को कादपानी चौक के निकट छोड़कर फरार हो गया।
वाहन का चालक फरार हो जाने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने कंटेनर से तेज दुर्गंध आने पर इसकी सूचना बिशोई पुलिस को दी। थाना प्रभारी शरत चंद्र दास के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कंटेनर को जब्त किया। जेसीबी की मदद से जब कंटेनर खोला गया तो उसमें 25 मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। दम घुटने से 19 गायों की मौत हो चुकी थी, जबकि 6 गायें जीवित पाई गईं।

अत्यंत दयनीय स्थिति में गौवंशों को ले जाने के कारण इतनी अधिक संख्या में गौवंशों की मौत होने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों में रोष देखा गया। स्थानीय लोगों ने गौवंश की तस्करी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार ऐसी घटनाएं घट रही हैं। पुलिस और प्रशासन को इस तरह के कार्यों को रोकने के लिए और गौतस्करों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की जाती रही है। राज्य में गौतस्करी को रोकने के लिए कानून भी है, लेकिन दुर्भाग्य से इन कानूनों का सही रूप से क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। इस कारण गौतस्करों के हौसले बुलंद हैं। तकनीकी खराबी के कारण यह मामला सामने आया है, अन्यथा इस बारे में पता भी नहीं लग पाता। इसलिए पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह सक्रियता से कार्य करे और गौतस्करी पर पूर्ण रोक लगाए।
मृत मवेशियों को पुलिस की मौजूदगी में समीपवर्ती जंगल क्षेत्र में दफनाया गया। वहीं, जीवित गायों की देखभाल के लिए गोशाला भेजने की व्यवस्था की गई है। पुलिस ने कंटेनर को जब्त कर थाना में कांड संख्या 24/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी गो-तस्करी पर रोक लगाने के लिए जिले में छापेमारी की गई थी, इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। फिलहाल पुलिस तस्करी में संलिप्त आरोपियों की तलाश में जांच अभियान चला रही है। यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले माह केन्दुझर पुलिस ने गौतस्करों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में केन्दुझर जिले के साथ-साथ मयुरभंज, जाजपुर आदि जिलों के गौतस्करों के घरों और अन्य ठिकानों पर छापा मारा गया था। इस दौरान साढ़े चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बरामद की गई थी।
















