देहरादून: राजधानी देहरादून में बाहर राज्यों से आए घुसपैठियों ने कब्रिस्तान की भूमि पर ही अवैध कब्जे कर कच्चे पक्के मकान बना लिए है खास बात ये कि ये वक्फ बोर्ड की संपत्ति है और विभाग आंखे मूंदे सोया रहा।
अब मामला सामने आने पर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए है, दिलचस्प बात ये है कि पूर्व में उक्त वक्फ भूमि पर कब्जे की शिकायत होने पर तत्कालीन कार्यपालक अधिकारी मुख्तार मोहसिन ने 16 फरवरी 2023 को थानाध्यक्ष रायपुर में इस बारे में शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने वक्फ संपत्ति संख्या 08 अधोईवाला जोकि कब्रस्तान की भूमि पर,अवैध निर्माण कर दुकानें मकान बना लिए जाने का उल्लेख किया गया है। इस पत्र में अधिकारी श्री मोहसिन द्वारा ये भी उल्लेख किया गया है कि उक्त भूमि को बिजनौर से आए शाहजहां और उसके भाई ने खुर्दबुर्द किया है और वे इससे कमाई कर रहे है।
वक्फबोर्ड की संपत्ति कब्रिस्तान में अतिक्रमण की शिकायत बाकायदा इस्लामुद्दीन अंसारी द्वारा की गई थी जोकि इस समय उत्तराखंड हज समिति के सदस्य भी है।श्री अंसारी का आरोप है कि कई बार वक्फ बोर्ड को उनके द्वारा ये जानकारी दी गई है कि उक्त संपत्ति पर बाहरी मुस्लिम समुदाय के लोगों को बसाया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, उनके द्वारा पुनः एक शिकायत अल्पसंख्यक विभाग, वक्फ बोर्ड में दी गई है। अल्प संख्यक विभाग के विशेष सचिव डॉ पराग मधुकर धकाते का कहना है कि ये विषय संज्ञान में आया है और उन्होंने विभागीय अधिकारियों से जांच रिपोर्ट मांगी है यदि वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसपर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
डेमोग्राफी चेंज
जानकर बताते हैं कि राजधानी देहरादून में कई क्षेत्र ऐसे है जहां बाहर से आए मुस्लिम योजनाबद्ध तरीके से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे कर रहे है, सिंचाई, नदी श्रेणी, नजूल, रेलवे की जमीनों को कब्जाने वाले इन घुसपैठियों ने अब वक्फ संपत्तियों को भी कब्जाना शुरू किया है, जिनमें कब्रस्तान की भूमि भी अब शामिल है। ऐसा भी जानकारी में आया है कि कई सरकारी संपत्तियों को भी वक्फ में निहित कर उनपर कब्जे कर अवैध रूप से बसावट कर ली गई है। जोकि सरकार के लिए सर दर्द बन गई है।











